किसान क्रेडिट कार्ड · खेती और उससे जुड़े कामों की ज़रूरतों के लिए bank की एक मिली-जुली (composite) क़र्ज़ सुविधा
एक लाइन में
Kisan Credit Card (KCC) किसानों के लिए bank की एक मिली-जुली क़र्ज़ सुविधा है: फ़सल उगाने का ख़र्च, पशुपालन और मछली पालन जैसे जुड़े काम, कटाई के बाद का ख़र्च, घर की ज़रूरतें, बीमा का premium, और खेती में निवेश, सब एक ही limit में। RBI के 19 जून 2026 के नए Directions के मुताबिक यह सुविधा छह साल की होती है; ये Directions 1 जनवरी 2027 से मंज़ूर होने वाले KCC loans पर लागू होंगे।
अवधि6 सालcomposite facility
बिना collateral₹2 लाख तकखेती और जुड़े काम
Flexi KCC (सीमांत किसान)₹10,000 – ₹50,000ज़मीन की क़ीमत से जोड़े बिना
नए Directions1 जनवरी 2027 सेउससे पहले के loans पुराने नियमों पर
1मतलब
Kisan Credit Card यानी किसान क्रेडिट कार्ड। RBI के मुताबिक इसका मक़सद खेती और जुड़े कामों में लगे लोगों को उनकी working capital और निवेश की ज़रूरतों के लिए, आसान और एक जैसी प्रक्रिया वाली एक मिली-जुली सुविधा से, समय पर पर्याप्त क़र्ज़ देना है।[1]
ध्यान दें: यहाँ लिखी बातें RBI के 19 जून 2026 के Directions से हैं, जो 1 जनवरी 2027 से मंज़ूर होने वाले KCC loans पर लागू होंगे। उससे पहले मंज़ूर loans maturity या अगले renewal तक पुराने निर्देशों पर चलेंगे।[1]
2KCC कैसे काम करता है
किसान आवेदन करता हैज़मीन / बँटाई का काग़ज़
हिसाब→+10% घर, +20% रख-रखाव
Bank limit तय करता हैScale of Finance × रक़बा
revolving cash credit→short-term हिस्सा
KCC से ज़रूरत पर निकासीUPI, debit card, BC
RBI के मुताबिक फ़सल के लिए drawing limit = फ़सल का Scale of Finance × खेती का रक़बा, उसका 10% कटाई के बाद और घर की ज़रूरत के लिए, 20% रख-रखाव और तकनीकी सेवाओं के लिए, और बीमा premium। Short-term हिस्सा revolving cash credit है।
3आम ग़लतफ़हमी
✕ ग़लतफ़हमी"KCC सिर्फ़ ज़मीन के मालिक किसान को मिलता है।"
✓ सचनहीं। RBI के मुताबिक बँटाईदार (sharecroppers), किराए पर खेती करने वाले (tenant farmers, oral lessees), और किसानों के SHG / JLG भी पात्र हैं; पशुपालक और मछुआरे जुड़े कामों के लिए।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"KCC एक बार का फ़सल loan है।"
✓ सचनहीं। RBI के मुताबिक short-term हिस्सा revolving cash credit है, जिसमें पैसा निकालने और जमा करने की गिनती पर कोई रोक नहीं; पूरी सुविधा छह साल की है।[1]
4परीक्षा के लिए
याद रखने लायक़: composite facility, 6 साल; short-term हिस्सा revolving cash credit; ₹2 लाख तक collateral-free (tie-up में ₹3 लाख); Flexi KCC ₹10,000–₹50,000; सीमांत ≤1 ha, छोटा 1–2 ha; नए Directions 1.1.2027 से। इस तरह के बाक़ी शब्द परीक्षा के लिए पन्ने पर हैं।[1]
5सवाल-जवाब
KCC से किन ज़रूरतों के लिए पैसा मिलता है?RBI के मुताबिक: फ़सल उगाना; पशुपालन, मछली पालन, मधुमक्खी पालन जैसे जुड़े काम; कटाई के बाद का ख़र्च; किसान परिवार की ज़रूरतें; खेती की चीज़ों का रख-रखाव और मिट्टी जाँच; फ़सल, दुर्घटना, स्वास्थ्य और संपत्ति बीमा; उपज बेचने के लिए loan; और खेती में निवेश।[1]
सीमांत और छोटा किसान कौन?RBI के मुताबिक सीमांत किसान: 1 hectare तक ज़मीन; छोटा किसान: 1 से 2 hectare।[1]
Collateral (अलग गिरवी) कब तक नहीं चाहिए?RBI के मुताबिक खेती और जुड़े कामों के ₹2 लाख तक के loan पर collateral और margin माफ़; फ़सल / stock गिरवी और वसूली के tie-up वाले KCC loan में ₹3 लाख तक collateral माफ़ किया जा सकता है।[1]
ब्याज दर कौन तय करता है?RBI के मुताबिक ब्याज RBI के advances पर ब्याज दर वाले Directions और खेती के क़र्ज़ से जुड़े दूसरे निर्देशों के मुताबिक; interest subvention और समय पर चुकाने का incentive समय-समय पर लागू निर्देशों के मुताबिक।[1]
पन्ना बना: 17 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 17 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।
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