1मतलब
Collateral, यानी collateral security, वह संपत्ति है, जिस पर loan की सुरक्षा के लिए bank (lender) के पक्ष में security charge बनाया जाता है।[1] आम बोलचाल में इसे ज़मानत या गिरवी कहते हैं।
RBI के नियमों में कई loans ऐसे हैं, जिन पर एक सीमा तक collateral नहीं लिया जा सकता, या माफ़ करने को कहा गया है।[2][3]
2इसका मतलब आपके लिए क्या है
- छोटा कारोबार (MSE): 1 अप्रैल 2026 या उसके बाद मंज़ूर या renew loan में ₹20 लाख तक collateral नहीं लिया जा सकता।[2]
- खेती: खेती और उससे जुड़े कामों के loan में ₹2 लाख प्रति borrower तक collateral और margin माफ़।[3]
- Mudra: DFS के मुताबिक collateral ज़रूरी नहीं।[5]
3Collateral कब नहीं लिया जाता
RBI के नियमों में collateral का मतलब है वह संपत्ति, जिस पर credit facility की सुरक्षा के लिए lender के पक्ष में security charge बनाया जाए। MSE loans में ₹20 लाख तक collateral लेना मना है (1 अप्रैल 2026 से मंज़ूर या renew loans पर), और खेती व उससे जुड़े कामों के loans में ₹2 लाख तक collateral और margin माफ़ करने को कहा गया है।
- अपनी मर्ज़ी से सोना: collateral-free सीमा तक के खेती और MSE loans में borrower अपनी मर्ज़ी से सोना या चाँदी गिरवी रखे, तो यह उल्लंघन नहीं।[4][2]
- Microfinance: RBI की परिभाषा में microfinance loan collateral-free ही होता है।[1]
4Gold loan में गिरवी का सोना
- लौटाना: पूरा loan चुकाने पर उसी दिन, ज़्यादा से ज़्यादा 7 working दिन में।[6]
- देरी: bank की वजह से देरी हुई तो ₹5,000 हर दिन।[6]
- नुक़सान: मरम्मत bank के ख़र्च पर; खोने या कमी पर उचित मुआवज़ा।[6]
5आम ग़लतफ़हमी
6आपका अधिकार
7अभी क्या करें
- Loan लेने से पहले देखिए कि आपका loan किस श्रेणी का है (MSE, खेती, Mudra) और collateral-free सीमा कितनी है।[2][3][5]
- Bank सीमा के भीतर भी collateral माँगे, तो RBI का यह नियम दिखाकर लिखित में पूछिए।[2][3]
- Gold loan में गिरवी के सामान का certificate संभालकर रखिए, और loan चुकाने की तारीख़ नोट कीजिए।[6]
8सवाल-जवाब
9जुड़े शब्द
10स्रोत
- RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Credit Facilities) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/154; DOR.CRE.REC.73/07-01-001/2025-26; Updated as on October 1, 2026; 16 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 3Commercial Banks पर लागू; SFB, Payment Banks, LAB इस परिभाषा में नहीं
- पैरा 4(1)(vii)'Collateral Security' या 'Collateral': वह संपत्ति जिस पर lender के पक्ष में security charge बने
- पैरा 61, 62microfinance loan: ₹3 लाख तक आय वाले परिवार को collateral-free loan; जमा पर lien या hypothecation से नहीं जुड़ेगा
- RBI — Master Direction – Lending to Micro, Small & Medium Enterprises (MSME) Sector (RBI/FIDD/2017-2018/56; FIDD.MSME & NFS.12/06.02.31/2017-18, 24 जुलाई 2017; Updated as on February 09, 2026), और Amendment Directions, 2026 (RBI/2025-26/206, 9 फ़रवरी 2026); 16 अक्टूबर 2026 को पढ़ा ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 1.2Scheduled Commercial Banks पर लागू; RRB पर नहीं
- पैरा 4.1 (2026 में बदला गया)MSE loans ₹20 लाख तक collateral नहीं; PMEGP ₹20 लाख तक; bank policy से ₹25 लाख तक; अपनी मर्ज़ी से सोना / चाँदी गिरवी उल्लंघन नहीं; 1 अप्रैल 2026 से मंज़ूर / renew loans पर
- RBI — Credit Flow to Agriculture – Collateral free agricultural loans (RBI/2024-2025/96; FIDD.CO.FSD.BC.No.10/05.05.010/2024-25; 16 अक्टूबर 2026 को RBI की 'Circulars Withdrawn' सूची में नहीं मिला) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 2, 3खेती और allied loans में ₹1.6 लाख से बढ़ाकर ₹2 लाख प्रति borrower तक collateral और margin माफ़; 1 जनवरी 2025 तक लागू; RRB और SFB समेत सभी SCB, StCB, DCCB
- RBI — Lending Against Gold and Silver Collateral – Voluntary Pledge of Gold and Silver as Collateral for Agriculture and MSME Loans (RBI/2025-2026/66; FIDD.CO.FSD.BC.No.08/05.05.010/2025-26; 16 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 3collateral-free सीमा तक के loans में अपनी मर्ज़ी से सोना / चाँदी गिरवी उल्लंघन नहीं
- Department of Financial Services (वित्त मंत्रालय) — Pradhan Mantri MUDRA Yojana (PMMY) का पन्ना (site के निचले हिस्से में 'Last Updated On: 05.02.2026'; 16 अक्टूबर 2026 को फिर पढ़ा) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पहला वाक्य, आख़िरी बिंदुmicro enterprises को collateral free क़र्ज़; 'Collateral not required'
- RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Responsible Business Conduct) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/170; Updated as on October 1, 2026; 16 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 362gold / silver वाले हिस्से 1 अप्रैल 2026 से लागू
- पैरा 3Commercial Banks पर लागू
- पैरा 377, 378पूरा चुकाने पर गिरवी उसी दिन, ज़्यादा से ज़्यादा 7 working दिन में लौटाना; लौटाते समय certificate से मिलान
- पैरा 386, 387, 388नुक़सान पर मरम्मत bank के ख़र्च पर; खोने या कमी पर मुआवज़ा; bank की वजह से देरी पर ₹5,000 रोज़
11सुधार का इतिहास
- पन्ना बना। RBI की Credit Facilities और Responsible Business Conduct Directions, 2025, MSME Master Direction (9 फ़रवरी 2026 तक updated), 6 दिसंबर 2024 और 11 जुलाई 2025 के RBI circulars, और DFS के PMMY पन्ने से जाँचा।
पन्ना बना: 16 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 16 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।
यह पन्ना: https://seedhamatlab.com/shabdkosh/collateral/ · आख़िरी जाँच: 16 अक्तू 2026
छपी हुई प्रति पुरानी हो सकती है। ताज़ा पन्ना site पर देख लीजिए।

एक लाइन में