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शब्द · क़र्ज़✓ स्रोत से जाँचा · 16 Oct 2026

Collateral

कोलैटरल · loan के बदले bank के पास रखी गई ज़मानत

एक लाइन में

Collateral वह संपत्ति है, जिस पर loan की सुरक्षा के लिए bank के पक्ष में charge बनाया जाता है। RBI के नियमों में 1 अप्रैल 2026 से मंज़ूर या renew हुए MSE loans में ₹20 लाख तक collateral लेना मना है, और खेती के loans में ₹2 लाख तक collateral और margin माफ़ करने का निर्देश है।

MSE loan₹20 लाख तकcollateral नहीं; 1 अप्रैल 2026 से मंज़ूर / renew loans
खेती का loan₹2 लाख तकcollateral और margin नहीं
Mudra loanCollateral नहींDFS के PMMY पन्ने के मुताबिक
Gold loan चुकाने के बाद7 working दिनइसके भीतर सोना लौटाना; देरी पर ₹5,000 रोज़

मतलब

Collateral, यानी collateral security, वह संपत्ति है, जिस पर loan की सुरक्षा के लिए bank (lender) के पक्ष में security charge बनाया जाता है।[1] आम बोलचाल में इसे ज़मानत या गिरवी कहते हैं।

RBI के नियमों में कई loans ऐसे हैं, जिन पर एक सीमा तक collateral नहीं लिया जा सकता, या माफ़ करने को कहा गया है।[2][3]

इसका मतलब आपके लिए क्या है

  • छोटा कारोबार (MSE): 1 अप्रैल 2026 या उसके बाद मंज़ूर या renew loan में ₹20 लाख तक collateral नहीं लिया जा सकता।[2]
  • खेती: खेती और उससे जुड़े कामों के loan में ₹2 लाख प्रति borrower तक collateral और margin माफ़।[3]
  • Mudra: DFS के मुताबिक collateral ज़रूरी नहीं।[5]

Collateral कब नहीं लिया जाता

RBI के नियमों में collateral का मतलब है वह संपत्ति, जिस पर credit facility की सुरक्षा के लिए lender के पक्ष में security charge बनाया जाए। MSE loans में ₹20 लाख तक collateral लेना मना है (1 अप्रैल 2026 से मंज़ूर या renew loans पर), और खेती व उससे जुड़े कामों के loans में ₹2 लाख तक collateral और margin माफ़ करने को कहा गया है।

  • अपनी मर्ज़ी से सोना: collateral-free सीमा तक के खेती और MSE loans में borrower अपनी मर्ज़ी से सोना या चाँदी गिरवी रखे, तो यह उल्लंघन नहीं।[4][2]
  • Microfinance: RBI की परिभाषा में microfinance loan collateral-free ही होता है।[1]

Gold loan में गिरवी का सोना

  • लौटाना: पूरा loan चुकाने पर उसी दिन, ज़्यादा से ज़्यादा 7 working दिन में।[6]
  • देरी: bank की वजह से देरी हुई तो ₹5,000 हर दिन।[6]
  • नुक़सान: मरम्मत bank के ख़र्च पर; खोने या कमी पर उचित मुआवज़ा।[6]

आम ग़लतफ़हमी

✕ ग़लतफ़हमी"₹10 लाख से ऊपर के MSE loan पर तो collateral देना ही पड़ेगा।"
✓ सचनहीं। RBI के 9 फ़रवरी 2026 के संशोधन के बाद, 1 अप्रैल 2026 या उसके बाद मंज़ूर या renew हुए MSE loans में ₹20 लाख तक collateral लेना bank के लिए मना है। अच्छे track record वाली इकाइयों के लिए bank अपनी policy से यह सीमा ₹25 लाख तक बढ़ा सकता है।[2]
✕ ग़लतफ़हमी"खेती के छोटे loan पर भी bank ज़मीन गिरवी माँग सकता है।"
✓ सचनहीं। RBI के 6 दिसंबर 2024 के circular के मुताबिक खेती और उससे जुड़े कामों के loans में ₹2 लाख प्रति borrower तक collateral security और margin माफ़ करने को कहा गया है; banks को इसे 1 जनवरी 2025 तक लागू करना था।[3]
✕ ग़लतफ़हमी"Collateral-free loan में अपनी मर्ज़ी से सोना गिरवी रखा, तो नियम टूट गया।"
✓ सचनहीं। RBI के 11 जुलाई 2025 के circular के मुताबिक collateral-free सीमा तक के खेती और MSE loans में borrower अपनी मर्ज़ी से सोना या चाँदी गिरवी रखे, तो इसे नियम का उल्लंघन नहीं माना जाएगा। ज़ोर देकर माँगना अलग बात है।[4][2]
✕ ग़लतफ़हमी"Mudra loan के लिए collateral ज़रूरी है।"
✓ सचनहीं। DFS के PMMY पन्ने के मुताबिक Mudra loan के लिए collateral ज़रूरी नहीं।[5]

आपका अधिकार

MSE loan ₹20 लाख तक हो (1 अप्रैल 2026 या उसके बाद मंज़ूर या renew), तो bank collateral नहीं माँग सकता।[2] खेती के loan में ₹2 लाख तक collateral और margin माफ़ करने का RBI निर्देश है।[3] Gold loan पूरा चुकाने के बाद 7 working दिन में सोना न लौटे और देरी bank की वजह से हो, तो हर दिन ₹5,000 का मुआवज़ा।[6]

अभी क्या करें

  • Loan लेने से पहले देखिए कि आपका loan किस श्रेणी का है (MSE, खेती, Mudra) और collateral-free सीमा कितनी है।[2][3][5]
  • Bank सीमा के भीतर भी collateral माँगे, तो RBI का यह नियम दिखाकर लिखित में पूछिए।[2][3]
  • Gold loan में गिरवी के सामान का certificate संभालकर रखिए, और loan चुकाने की तारीख़ नोट कीजिए।[6]

सवाल-जवाब

Collateral का मतलब क्या है?RBI की परिभाषा के मुताबिक collateral, यानी collateral security, वह संपत्ति है, जिस पर credit facility की सुरक्षा के लिए lender के पक्ष में security charge बनाया जाता है।[1]
MSE loan में collateral के नियम क्या हैं?RBI की MSME Master Direction के मुताबिक banks MSE इकाइयों के ₹20 लाख तक के loans में collateral security नहीं ले सकते, और PMEGP वाली सभी इकाइयों को भी ₹20 लाख तक collateral-free loan देना है। अच्छे track record पर bank अपनी policy से यह सीमा ₹25 लाख तक बढ़ा सकता है। यह 1 अप्रैल 2026 या उसके बाद मंज़ूर या renew loans पर लागू है। ये निर्देश Scheduled Commercial Banks पर हैं, RRB पर नहीं।[2]
खेती के loan में collateral की सीमा क्या है?RBI के 6 दिसंबर 2024 के circular के मुताबिक खेती और उससे जुड़े कामों (allied activities) के loans में ₹2 लाख प्रति borrower तक collateral security और margin माफ़ करने को कहा गया है। यह circular RRB और Small Finance Banks समेत सभी Scheduled Commercial Banks, State Co-operative Banks और District Central Co-operative Banks के लिए है।[3]
Gold loan चुकाने के बाद सोना कब मिलेगा?RBI के निर्देशों के मुताबिक पूरा loan चुकाने या settle करने पर bank को गिरवी रखा सोना या चाँदी उसी दिन, और किसी भी हाल में 7 working दिन के भीतर लौटाना है। Bank की वजह से देरी हुई, तो हर दिन की देरी पर ₹5,000 का मुआवज़ा देना होगा। ये निर्देश Commercial Banks के लिए हैं और 1 अप्रैल 2026 से लागू हैं।[6]
गिरवी रखा सोना bank से खो जाए या ख़राब हो जाए तो?RBI के निर्देशों के मुताबिक loan के दौरान bank से गिरवी के सामान को नुक़सान हो, तो मरम्मत का ख़र्च bank उठाएगा; और सामान खो जाए या जाँच में शुद्धता / वज़न में कमी मिले, तो bank को उचित मुआवज़ा देना है।[6]
Microfinance loan में collateral होता है?नहीं। RBI की परिभाषा में microfinance loan ही collateral-free loan है, जो ₹3 लाख तक सालाना आय वाले परिवार को दिया जाए; इसे जमा खाते पर lien या किसी security के hypothecation से नहीं जोड़ा जा सकता।[1]

जुड़े शब्द

स्रोत

  1. RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Credit Facilities) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/154; DOR.CRE.REC.73/07-01-001/2025-26; Updated as on October 1, 2026; 16 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗जारी: 28 नव 2025किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पैरा 3Commercial Banks पर लागू; SFB, Payment Banks, LAB इस परिभाषा में नहीं
    • पैरा 4(1)(vii)'Collateral Security' या 'Collateral': वह संपत्ति जिस पर lender के पक्ष में security charge बने
    • पैरा 61, 62microfinance loan: ₹3 लाख तक आय वाले परिवार को collateral-free loan; जमा पर lien या hypothecation से नहीं जुड़ेगा
  2. RBI — Master Direction – Lending to Micro, Small & Medium Enterprises (MSME) Sector (RBI/FIDD/2017-2018/56; FIDD.MSME & NFS.12/06.02.31/2017-18, 24 जुलाई 2017; Updated as on February 09, 2026), और Amendment Directions, 2026 (RBI/2025-26/206, 9 फ़रवरी 2026); 16 अक्टूबर 2026 को पढ़ा ↗जारी: 09 फ़र 2026 · लागू: 01 अप्रैल 2026किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पैरा 1.2Scheduled Commercial Banks पर लागू; RRB पर नहीं
    • पैरा 4.1 (2026 में बदला गया)MSE loans ₹20 लाख तक collateral नहीं; PMEGP ₹20 लाख तक; bank policy से ₹25 लाख तक; अपनी मर्ज़ी से सोना / चाँदी गिरवी उल्लंघन नहीं; 1 अप्रैल 2026 से मंज़ूर / renew loans पर
  3. RBI — Credit Flow to Agriculture – Collateral free agricultural loans (RBI/2024-2025/96; FIDD.CO.FSD.BC.No.10/05.05.010/2024-25; 16 अक्टूबर 2026 को RBI की 'Circulars Withdrawn' सूची में नहीं मिला) ↗जारी: 06 दिस 2024 · लागू: 01 जन 2025किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पैरा 2, 3खेती और allied loans में ₹1.6 लाख से बढ़ाकर ₹2 लाख प्रति borrower तक collateral और margin माफ़; 1 जनवरी 2025 तक लागू; RRB और SFB समेत सभी SCB, StCB, DCCB
  4. RBI — Lending Against Gold and Silver Collateral – Voluntary Pledge of Gold and Silver as Collateral for Agriculture and MSME Loans (RBI/2025-2026/66; FIDD.CO.FSD.BC.No.08/05.05.010/2025-26; 16 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗जारी: 11 जुल 2025किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पैरा 3collateral-free सीमा तक के loans में अपनी मर्ज़ी से सोना / चाँदी गिरवी उल्लंघन नहीं
  5. Department of Financial Services (वित्त मंत्रालय) — Pradhan Mantri MUDRA Yojana (PMMY) का पन्ना (site के निचले हिस्से में 'Last Updated On: 05.02.2026'; 16 अक्टूबर 2026 को फिर पढ़ा) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पहला वाक्य, आख़िरी बिंदुmicro enterprises को collateral free क़र्ज़; 'Collateral not required'
  6. RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Responsible Business Conduct) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/170; Updated as on October 1, 2026; 16 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗जारी: 28 नव 2025किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पैरा 362gold / silver वाले हिस्से 1 अप्रैल 2026 से लागू
    • पैरा 3Commercial Banks पर लागू
    • पैरा 377, 378पूरा चुकाने पर गिरवी उसी दिन, ज़्यादा से ज़्यादा 7 working दिन में लौटाना; लौटाते समय certificate से मिलान
    • पैरा 386, 387, 388नुक़सान पर मरम्मत bank के ख़र्च पर; खोने या कमी पर मुआवज़ा; bank की वजह से देरी पर ₹5,000 रोज़

सुधार का इतिहास

  • पन्ना बना। RBI की Credit Facilities और Responsible Business Conduct Directions, 2025, MSME Master Direction (9 फ़रवरी 2026 तक updated), 6 दिसंबर 2024 और 11 जुलाई 2025 के RBI circulars, और DFS के PMMY पन्ने से जाँचा।

पन्ना बना: 16 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 16 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।

यह पन्ना: https://seedhamatlab.com/shabdkosh/collateral/ · आख़िरी जाँच: 16 अक्तू 2026
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