सूचना डेस्क · भारत

सीधा मतलब | Seedha Matlab

Contact
शब्दकोश | Shabdkoshपैसे के ज़रूरी शब्दों का सीधा मतलबखोलिए → परीक्षा के लिए।For ExaminationUPSC, SSC, राज्य PSC और Banking परीक्षाओं के Economy / Banking शब्दखोलिए →
शब्द · क़र्ज़✓ स्रोत से जाँचा · 12 Oct 2026

LTV

Loan to Value · गिरवी security की क़ीमत के मुक़ाबले बकाया loan का अनुपात

एक लाइन में

LTV (Loan to Value) यानी किसी दिन loan की बकाया रक़म और गिरवी रखी security की क़ीमत का अनुपात। RBI ने घर, सोने और shares / mutual fund जैसे कई गिरवी loans पर इसकी ऊपरी सीमा तय की है; जैसे 1 जुलाई 2026 से commercial bank व्यक्ति को listed shares पर 60% तक और debt mutual fund पर 85% तक loan दे सकते हैं।

Listed shares पर60% तकcommercial bank; व्यक्ति को loan
Mutual fund (debt छोड़कर)75% तकETF, REIT / InvIT units भी
Debt mutual fund85% तकAAA rating वाली listed debt securities भी
सीमा टूटे तो7 कार्य-दिवसbank को ठीक करना है; NBFC (shares) में भी

मतलब

LTV (Loan to Value) यानी किसी दिन loan की बकाया रक़म और गिरवी रखी security की क़ीमत का अनुपात।[1] काल्पनिक उदाहरण: ₹1 लाख की security पर ₹60,000 का loan बकाया हो, तो LTV 60% है।

  • Margin: RBI के निर्देशों में margin वह योगदान है, जो borrower ख़ुद नक़द या दूसरी liquid संपत्ति से लगाता है, जब वह bank के पैसे से कोई security ख़रीदता है।[1]
  • Gold और home loan: इनमें LTV की अपनी सीमाएँ हैं, जो Gold Loan और Home Loan के पन्नों पर हैं।[1]

इसका मतलब आपके लिए क्या है

  • पूरी क़ीमत का loan नहीं: हर गिरवी security पर loan उसकी तय LTV सीमा तक ही मिलता है।[1]
  • भाव गिरे तो: shares या mutual fund का भाव गिरने से LTV सीमा से ऊपर जाए, तो bank को तुरंत, और ज़्यादा से ज़्यादा 7 कार्य-दिवस में, इसे ठीक करने के क़दम उठाने हैं। इसके नियम, margin call समेत, bank की policy में होते हैं।[1]

LTV कैसे काम करता है

क़ीमत गिरने से LTV सीमा से ऊपर जाए, तो bank को 7 कार्य-दिवस के भीतर ठीक करना है।

  • लगातार नज़र: securities वाले loan में LTV पर पूरी अवधि नज़र रखी जाती है।[1]
  • क़ीमत कैसे गिनी जाती है: listed shares और mutual fund / ETF / REIT / InvIT units की क़ीमत, पिछले 6 महीने के रोज़ के closing भाव / NAV के औसत और पिछले trading दिन के भाव / NAV में से जो कम हो, वह मानी जाती है।[1]
  • Bank की policy: किन securities पर loan, LTV / margin, haircut, valuation और margin call के नियम bank की मंज़ूर policy में होते हैं।[1]

Shares और mutual fund पर loan

1 जुलाई 2026 से commercial bank, व्यक्ति (और जो HUF commercial इकाई नहीं) को securities पर loan इन LTV सीमाओं के भीतर देते हैं:[1]

  • Listed shares, listed convertible debt securities: 60% तक।[1]
  • Mutual funds (debt MF छोड़कर), ETF, REIT / InvIT units: 75% तक।[1]
  • Debt mutual funds: 85% तक।[1]
  • Listed debt securities: AAA rating पर 85% तक; AA से BBB rating पर 75% तक।[1]
  • Government securities (T-Bills समेत): bank की policy से। Sovereign Gold Bond: सोने / चाँदी गिरवी वाले loan की सीमा।[1]
  • कुल सीमा: government securities, listed debt securities और debt MF को छोड़कर बाक़ी securities पर पूरे banking system से एक व्यक्ति को ₹1 करोड़ तक; इसी के भीतर secondary market से securities ख़रीदने के लिए ₹25 लाख तक।[1]
  • IPO / FPO / ESOP: ₹25 लाख तक, और subscription की क़ीमत का ज़्यादा से ज़्यादा 75%, यानी कम से कम 25% cash margin आपका।[1]
  • Loan नहीं: partly paid shares पर, और lock-in वाली securities पर।[1]

NBFC से shares पर loan

  • ₹100 करोड़ या ज़्यादा asset वाली NBFC को listed shares पर loan में 50% का LTV हर समय बनाए रखना है; share के भाव गिरने से कमी आए, तो 7 कार्य-दिवस में पूरी करनी है।[2]

आम ग़लतफ़हमी

✕ ग़लतफ़हमी"Shares की आज की क़ीमत पर loan मिलेगा।"
✓ सचनहीं। Listed shares और mutual fund units की क़ीमत, पिछले 6 महीने के रोज़ के closing भाव / NAV के औसत और पिछले trading दिन के भाव / NAV में से जो कम हो, वह मानी जाती है; उस पर भी LTV की सीमा लगती है।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"LTV सिर्फ़ loan देते समय देखा जाता है।"
✓ सचनहीं। Securities वाले loan में LTV पर लगातार नज़र रखी जाती है, और सीमा टूटे तो bank को तुरंत, और ज़्यादा से ज़्यादा 7 कार्य-दिवस में, इसे ठीक करना है।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"किसी भी share पर loan मिल सकता है।"
✓ सचनहीं। Partly paid shares पर, और lock-in वाली securities पर, bank loan नहीं दे सकता।[1]

अभी क्या करें

  • Shares या mutual fund गिरवी रखकर loan ले रहे हैं, तो bank से पूछिए कि भाव गिरने पर margin call का नियम क्या है।[1]
  • कितना loan मिल सकता है, इसका हिसाब आज के भाव से नहीं, 6 महीने के औसत और पिछले दिन के भाव में से कम वाले पर लगाइए।[1]

सवाल-जवाब

Margin क्या है?RBI के निर्देशों में margin वह योगदान है, जो borrower ख़ुद नक़द या दूसरी liquid संपत्ति के रूप में लगाता है, जब वह bank के पैसे से कोई security ख़रीदता है (या bank से non-fund-based सुविधा लेता है)। जैसे IPO / FPO / ESOP के loan में कम से कम 25% cash margin आपका होता है।
IPO में shares के लिए कितना loan मिल सकता है?Commercial bank, पूरे banking system से एक व्यक्ति को IPO / FPO / ESOP के लिए ₹25 लाख तक, और subscription की क़ीमत का ज़्यादा से ज़्यादा 75% loan दे सकता है।
Securities पर कुल कितना loan?Government securities, listed debt securities और debt mutual fund को छोड़कर बाक़ी securities पर, पूरे banking system से एक व्यक्ति को ज़्यादा से ज़्यादा ₹1 करोड़। इसी के भीतर secondary market से securities ख़रीदने के लिए ₹25 लाख तक।
Government securities और Sovereign Gold Bond पर?Government securities (T-Bills समेत) पर LTV bank की policy से तय होता है। Sovereign Gold Bond पर वही सीमा लगती है, जो सोने / चाँदी गिरवी रखकर लिए loan पर लगती है।
NBFC से shares पर loan लूँ, तो?₹100 करोड़ या ज़्यादा asset वाली NBFC को listed shares पर loan में 50% का LTV हर समय बनाए रखना है। Share के भाव गिरने से कमी आए, तो 7 कार्य-दिवस में पूरी करनी है।
ये नियम कब से हैं?Commercial banks के लिए LTV की यह परिभाषा और securities पर loan वाले ये नियम 1 जुलाई 2026 से लागू हैं।

जुड़े शब्द

स्रोत

  1. RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Credit Facilities) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/154; DOR.CRE.REC.73/07-01-001/2025-26; Updated as on October 1, 2026; small finance, payments और local area banks पर लागू नहीं), PDF ↗जारी: 28 नव 2025 · लागू: 28 नव 2025किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पैरा 3लागू किस पर: commercial banks
    • पैरा 4(1)(xxiia), (xxiib)LTV और margin की परिभाषा; 1 जुलाई 2026 से (फ़ुटनोट 9)
    • पैरा 44, 111gold loan और housing loan की अपनी LTV सीमाएँ
    • Section Q, फ़ुटनोट 30securities पर loan वाला हिस्सा 1 जुलाई 2026 से
    • पैरा 219A, 219B(2), (3)policy में LTV / margin, valuation, margin call; partly paid और lock-in पर loan नहीं
    • पैरा 219E–219Iव्यक्ति / HUF; LTV की सीमाएँ; 7 कार्य-दिवस; valuation
    • पैरा 219J–219M₹1 करोड़, ₹25 लाख; IPO में 75%, 25% margin
  2. RBI — Reserve Bank of India (Non-Banking Financial Companies – Credit Facilities) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/347; DOR.CRE.REC.No.266/07-01-008/2025-26; updated as on July 15, 2026), PDF ↗जारी: 28 नव 2025 · लागू: 28 नव 2025किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पैरा 106(1)₹100 करोड़+ NBFC: shares पर 50% LTV हर समय; कमी 7 कार्य-दिवस में

सुधार का इतिहास

  • पन्ना बना। RBI के Commercial Banks – Credit Facilities Directions, 2025 (1 अक्टूबर 2026 तक updated; securities पर loan वाला हिस्सा 1 जुलाई 2026 से) और NBFC – Credit Facilities Directions, 2025 (15 जुलाई 2026 तक updated) से जाँचा।

पन्ना बना: 12 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 12 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।

यह पन्ना: https://seedhamatlab.com/shabdkosh/ltv/ · आख़िरी जाँच: 12 अक्तू 2026
छपी हुई प्रति पुरानी हो सकती है। ताज़ा पन्ना site पर देख लीजिए।