सरकारी प्रतिभूति · सरकार के क़र्ज़ का काग़ज़, जिसे ख़रीदकर आप सरकार को उधार देते हैं
एक लाइन में
Government Security (G-Sec) केंद्र या राज्य सरकार का जारी किया वह काग़ज़ है, जिसे ख़रीदा-बेचा जा सकता है और जो सरकार के क़र्ज़ को मानता है। एक साल से कम वाले Treasury Bills कहलाते हैं, और एक साल या उससे ज़्यादा वाले dated securities; राज्य सरकारों वाले State Development Loans (SDL)। आम लोग RBI के Retail Direct portal से इन्हें सीधे ख़रीद सकते हैं।
कौन जारी करता हैकेंद्र और राज्य सरकारराज्य सिर्फ़ dated (SDL)
Treasury Bills91, 182, 364 दिनछूट (discount) पर, ब्याज नहीं
Dated G-Secआम तौर पर 5 से 40 सालब्याज (coupon) छमाही
Retail DirectRBI में मुफ़्त खाताrbiretaildirect.org.in
1मतलब
Government Security (G-Sec) केंद्र या राज्य सरकार का जारी किया ऐसा काग़ज़ है, जिसे ख़रीदा-बेचा जा सकता है और जो सरकार के क़र्ज़ की स्वीकृति है। RBI के मुताबिक एक साल से कम वाले Treasury Bills और एक साल या ज़्यादा वाले dated securities (या Government bonds) होते हैं; राज्य सरकारें सिर्फ़ dated securities जारी करती हैं, जिन्हें State Development Loans (SDL) कहते हैं।[1]
2इसका मतलब आपके लिए क्या है
सुरक्षित निवेश: RBI के मुताबिक इनमें सरकार का ब्याज और मूलधन चुकाने का वादा होता है, इसलिए default का जोखिम लगभग नहीं।[1]
सीधे RBI से: Retail Direct portal पर मुफ़्त खाता खोलकर ख़रीद सकते हैं।[2]
बीच में बेचना: परिपक्वता से पहले बेचें, तो दाम ऊपर-नीचे हो सकता है।[2]
3G-Sec कैसे चलता है
सरकारपैसा उधार लेती है
जारी→RBI के ज़रिए
G-Secauction से जारी
ख़रीद→auction या बाज़ार
निवेशकब्याज और मूलधन
RBI के मुताबिक G-Sec की registry और depository RBI का Public Debt Office (PDO) है, जो जारी करने, ब्याज देने और परिपक्वता पर मूलधन लौटाने का काम देखता है।
4आम ग़लतफ़हमी
✕ ग़लतफ़हमी"G-Sec में कोई जोखिम नहीं, बीच में बेचें तब भी पूरा पैसा मिलेगा।"
✓ सचपूरी तरह नहीं। RBI के मुताबिक G-Sec में default (न चुकाने) का जोखिम लगभग नहीं है, पर परिपक्वता से पहले बेचने पर बाज़ार का जोखिम है, यानी दाम कम-ज़्यादा हो सकता है।[2]
✕ ग़लतफ़हमी"Treasury Bill पर हर महीने ब्याज आता है।"
✓ सचनहीं। RBI के मुताबिक T-Bills पर ब्याज नहीं मिलता; ये छूट पर जारी होते हैं और परिपक्वता पर पूरी face value मिलती है। जैसे ₹100 का 91-दिन वाला T-Bill ₹98.20 में जारी होकर ₹100 पर लौटे, तो ₹1.80 कमाई।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"आम आदमी G-Sec नहीं ख़रीद सकता।"
✓ सचख़रीद सकता है। RBI की Retail Direct Scheme में व्यक्ति RBI के पास मुफ़्त Retail Direct Gilt (RDG) खाता खोलकर auction में और बाज़ार से G-Sec ख़रीद-बेच सकते हैं।[2]
5परीक्षा के लिए
याद रखने लायक़: T-Bills 91 / 182 / 364 दिन, discount पर, zero coupon; CMB 91 दिन से कम (2010); dated G-Sec 5–40 साल, छमाही coupon; SDL = राज्य; registry RBI का PDO; Retail Direct (RDG खाता)। बाक़ी शब्द परीक्षा के लिए पन्ने पर।[1][2]
6सवाल-जवाब
G-Sec आसान भाषा में क्या है?सरकार को उधार देने की रसीद। आप सरकार को पैसा देते हैं, सरकार तय समय पर ब्याज देती है और अंत में पैसा लौटाती है। (यह समझाने का उदाहरण है।)
'7.17% GS 2028' का क्या मतलब है?RBI के primer के उदाहरण में: 7.17% coupon (face value पर ब्याज), जारी करने वाली भारत सरकार, और 2028 में परिपक्वता; ब्याज साल में दो बार।[1]
Retail Direct खाता कौन खोल सकता है?RBI के FAQ के मुताबिक व्यक्ति (individual) जिनके पास भारत में rupee savings खाता, PAN, KYC के लिए कोई Officially Valid Document, email और registered mobile number हो; FEMA के तहत पात्र NRI भी। एक व्यक्ति एक ही RDG खाता खोल सकता है, और यह मुफ़्त है।[2]
कम-से-कम कितना निवेश?RBI के FAQ (12 नवंबर 2021 की स्थिति) के मुताबिक T-Bills, dated G-Sec और SDL में ₹10,000।[2]
Cash Management Bill क्या है?RBI के मुताबिक 2010 में सरकार ने RBI से सलाह करके यह छोटी अवधि का काग़ज़ शुरू किया, जो 91 दिन से कम के लिए होता है, ताकि सरकार के नक़द प्रवाह की अस्थायी कमी पूरी हो।[1]
पन्ना बना: 17 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 17 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।
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