1मतलब
16वें वित्त आयोग पर सरकार के Explanatory Memorandum (फ़रवरी 2026) के मुताबिक आयोग ने राज्यों का हिस्सा केंद्रीय टैक्सों की net proceeds (divisible pool) का 41% रखने की सिफ़ारिश की, जिसे सरकार ने मान लिया।[1] संविधान के अनुच्छेद 279(1) के मुताबिक 'net proceeds' यानी टैक्स की वसूली में से वसूली का ख़र्च घटाकर बची रक़म।[2]
2बँटवारा कैसे
16वें वित्त आयोग के मुताबिक राज्यों में आपसी बँटवारे के आधार हैं: population, demographic performance, area, forest, per-capita-income-distance और GDP में राज्य का योगदान।
3रोज़ की ज़िंदगी का उदाहरण
4आम ग़लतफ़हमी
5परीक्षा के लिए
6सवाल-जवाब
7जुड़े शब्द
8स्रोत
- वित्त मंत्रालय — Explanatory Memorandum: 16वें वित्त आयोग की सिफ़ारिशों पर कार्रवाई (17 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 3, 5राज्यों का हिस्सा net proceeds (divisible pool) का 41%; आपसी बँटवारे के आधार
- भारत का संविधान, भाग XII (विदेश मंत्रालय की site पर) (17 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- अनुच्छेद 270, 279(1)केंद्र के टैक्स का केंद्र-राज्य बँटवारा; राज्यों का हिस्सा वित्त आयोग की सिफ़ारिश पर विचार के बाद; net proceeds = वसूली − वसूली का ख़र्च
- PIB (Finance Commission) — The Report of the Fifteenth Finance Commission, Release ID 1693868 (17 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- Vertical devolution15वें आयोग ने vertical devolution 41% रखा
9सुधार का इतिहास
- पन्ना बना। 16वें वित्त आयोग पर सरकार के Explanatory Memorandum (फ़रवरी 2026) और संविधान के अनुच्छेद 270, 279 से जाँचा।
पन्ना बना: 17 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 17 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।
यह पन्ना: https://seedhamatlab.com/shabdkosh/divisible-pool/ · आख़िरी जाँच: 17 अक्तू 2026
छपी हुई प्रति पुरानी हो सकती है। ताज़ा पन्ना site पर देख लीजिए।

एक लाइन में