1मतलब
Fugitive Economic Offenders Act, 2018 की धारा 2(1)(f) के मुताबिक fugitive economic offender वह व्यक्ति है, जिसके ख़िलाफ़ किसी Scheduled Offence में भारत की अदालत ने गिरफ़्तारी का warrant जारी किया हो, और जो (i) मुक़दमे से बचने के लिए भारत छोड़ गया हो, या (ii) विदेश में रहते हुए मुक़दमे का सामना करने भारत लौटने से मना कर दे। धारा 2(1)(m) के मुताबिक Scheduled Offence तभी, जब उसमें कुल रक़म ₹100 करोड़ या उससे ज़्यादा हो।[1]
2प्रक्रिया
Act की धारा 14 के मुताबिक भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित होने पर भारत की कोई अदालत या tribunal उसे civil दावे में बचाव का मौक़ा नहीं देगी।
3रोज़ की ज़िंदगी का उदाहरण
4आम ग़लतफ़हमी
5परीक्षा के लिए
6सवाल-जवाब
7जुड़े शब्द
8स्रोत
- Fugitive Economic Offenders Act, 2018 (Act No. 17 of 2018) — विधायी विभाग, क़ानून मंत्रालय (17 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- Long title; धारा 2(1)(f), 2(1)(m)क़ानून का मक़सद; warrant जारी, भारत छोड़ना या लौटने से इनकार; Scheduled Offence ₹100 करोड़ या ज़्यादा
- धारा 12(1), 12(2), 14Special Court की घोषणा; संपत्ति ज़ब्ती; civil दावे में बचाव का हक़ नहीं
- Directorate of Enforcement — What We Do (17 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- What We DoED, Department of Revenue, Ministry of Finance के तहत; FEOA, 2018 लागू करता है
9सुधार का इतिहास
- पन्ना बना। Fugitive Economic Offenders Act, 2018 के विधायी विभाग वाले पाठ से जाँचा।
पन्ना बना: 17 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 17 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।
यह पन्ना: https://seedhamatlab.com/shabdkosh/fugitive-economic-offender/ · आख़िरी जाँच: 17 अक्तू 2026
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