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शब्द · पैसे की बुनियाद✓ स्रोत से जाँचा · 17 Oct 2026

Fugitive Economic Offender

Fugitive Economic Offender · भगोड़ा आर्थिक अपराधी

एक लाइन में

Fugitive Economic Offender (भगोड़ा आर्थिक अपराधी) वह व्यक्ति है, जिसके ख़िलाफ़ ₹100 करोड़ या उससे ज़्यादा के तय आर्थिक अपराध (Scheduled Offence) में गिरफ़्तारी का warrant जारी हुआ हो, और जो मुक़दमे से बचने के लिए भारत छोड़ गया हो या विदेश में रहते हुए लौटने से मना कर दे।

क़ानूनFEOA, 2018Act No. 17 of 2018
रक़म की शर्त₹100 करोड़ या ज़्यादाधारा 2(1)(m)
कौन घोषित करता हैSpecial Courtधारा 12(1)
नतीजासंपत्ति ज़ब्त हो सकती हैधारा 12(2)

मतलब

Fugitive Economic Offenders Act, 2018 की धारा 2(1)(f) के मुताबिक fugitive economic offender वह व्यक्ति है, जिसके ख़िलाफ़ किसी Scheduled Offence में भारत की अदालत ने गिरफ़्तारी का warrant जारी किया हो, और जो (i) मुक़दमे से बचने के लिए भारत छोड़ गया हो, या (ii) विदेश में रहते हुए मुक़दमे का सामना करने भारत लौटने से मना कर दे। धारा 2(1)(m) के मुताबिक Scheduled Offence तभी, जब उसमें कुल रक़म ₹100 करोड़ या उससे ज़्यादा हो।[1]

प्रक्रिया

Act की धारा 14 के मुताबिक भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित होने पर भारत की कोई अदालत या tribunal उसे civil दावे में बचाव का मौक़ा नहीं देगी।

रोज़ की ज़िंदगी का उदाहरण

उदाहरण (समझाने के लिए): कोई व्यापारी bank से ₹500 करोड़ का loan लेकर चुकाता नहीं, धोखाधड़ी का केस बनता है और warrant निकलता है — पर वह विदेश भाग जाता है और बुलाने पर भी नहीं लौटता। तब ED अदालत से उसे 'भगोड़ा आर्थिक अपराधी' घोषित करवा सकता है, और अदालत उसकी संपत्ति ज़ब्त करने का आदेश दे सकती है, ताकि भागकर बच निकलना फ़ायदे का सौदा न रहे।

आम ग़लतफ़हमी

✕ ग़लतफ़हमी"यह क़ानून गृह मंत्रालय का कोई विभाग लागू करता है।"
✓ सचED की website के मुताबिक FEOA, 2018 लागू करने वाला Directorate of Enforcement वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के तहत है।[2]

परीक्षा के लिए

याद रखने लायक़: FEOA, 2018: ₹100 करोड़+ का Scheduled Offence, भारत छोड़ा या लौटने से इनकार; Special Court घोषणा; संपत्ति ज़ब्ती; ED लागू करता है। UPSC Prelims 2025 का सवाल 3 इससे जुड़ा था। इस तरह के बाक़ी शब्द परीक्षा के लिए पन्ने पर हैं।[1][2]

सवाल-जवाब

हर भागे हुए आरोपी पर यह लागू होता है?नहीं। Act की धारा 2(1)(m) के मुताबिक Scheduled Offence में कुल रक़म ₹100 करोड़ या उससे ज़्यादा होनी चाहिए।[1]
घोषणा के बाद क्या होता है?धारा 12(2) के मुताबिक Special Court संपत्तियों को केंद्र सरकार के पक्ष में ज़ब्त करने का आदेश दे सकती है।[1]

जुड़े शब्द

स्रोत

  1. Fugitive Economic Offenders Act, 2018 (Act No. 17 of 2018) — विधायी विभाग, क़ानून मंत्रालय (17 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗जारी: 31 जुल 2018किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • Long title; धारा 2(1)(f), 2(1)(m)क़ानून का मक़सद; warrant जारी, भारत छोड़ना या लौटने से इनकार; Scheduled Offence ₹100 करोड़ या ज़्यादा
    • धारा 12(1), 12(2), 14Special Court की घोषणा; संपत्ति ज़ब्ती; civil दावे में बचाव का हक़ नहीं
  2. Directorate of Enforcement — What We Do (17 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • What We DoED, Department of Revenue, Ministry of Finance के तहत; FEOA, 2018 लागू करता है

सुधार का इतिहास

  • पन्ना बना। Fugitive Economic Offenders Act, 2018 के विधायी विभाग वाले पाठ से जाँचा।

पन्ना बना: 17 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 17 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।

यह पन्ना: https://seedhamatlab.com/shabdkosh/fugitive-economic-offender/ · आख़िरी जाँच: 17 अक्तू 2026
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