1मतलब
Indian Economic Service की Arthapedia के मुताबिक buffer stock किसी चीज़ का ऐसा भंडार है, जो भाव के उतार-चढ़ाव और अनपेक्षित आपात स्थितियों से निपटने के लिए रखा जाता है। यह आम तौर पर अनाज, दाल जैसी ज़रूरी चीज़ों का रखा जाता है। भारत में इसकी अवधारणा चौथी पंचवर्षीय योजना (1969-74) में आई।[1]
2कैसे काम करता है
Arthapedia के मुताबिक operational stock (PDS की चार महीने की ज़रूरत) से ऊपर का भंडार buffer माना जाता है; असल में दोनों एक ही गोदाम में मिले रहते हैं।
3रोज़ की ज़िंदगी का उदाहरण
4आम ग़लतफ़हमी
5परीक्षा के लिए
6सवाल-जवाब
7जुड़े शब्द
8स्रोत
- Indian Economic Service (भारत सरकार) — Arthapedia: Buffer Stock (पन्ने पर तारीख़ नहीं) (18 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पूरा पन्नापरिभाषा; चौथी योजना (1969-74); Central Pool के चार उद्देश्य; CCEA तिमाही norms (1 अप्रैल/जुलाई/अक्टूबर/जनवरी); stocking norms 22.01.2015; operational stock 4 महीने; HLC 2015: ज़्यादा भंडार से महँगाई और fiscal deficit
9सुधार का इतिहास
- पन्ना बना। Indian Economic Service की Arthapedia से जाँचा।
पन्ना बना: 18 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 18 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।
यह पन्ना: https://seedhamatlab.com/shabdkosh/buffer-stock/ · आख़िरी जाँच: 18 अक्तू 2026
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