सूचना डेस्क · भारत

सीधा मतलब | Seedha Matlab

Contact
शब्दकोश | Shabdkoshपैसे के ज़रूरी शब्दों का सीधा मतलबखोलिए → परीक्षा के लिए।For ExaminationUPSC, SSC, राज्य PSC और Banking परीक्षाओं के Economy / Banking शब्दखोलिए →
शब्द · पैसे की बुनियाद✓ स्रोत से जाँचा · 17 Oct 2026

Inflation

महँगाई · चीज़ों और सेवाओं के दाम का समय के साथ बढ़ना

एक लाइन में

Inflation यानी महँगाई: रोज़मर्रा की चीज़ों और सेवाओं के दाम का समय के साथ बढ़ना। भारत में इसे CPI से नापा जाता है। सरकार ने RBI से सलाह करके 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के लिए CPI महँगाई का target 4% रखा है, जिसमें ऊपर 6% और नीचे 2% तक की छूट है।

नापते किससे हैंCPIConsumer Price Index
Target4% CPI महँगाईऊपर 6%, नीचे 2% तक छूट
Target की अवधि1.4.2026 – 31.3.203125 मार्च 2026 को तय
Target कौन तय करता हैकेंद्र सरकारRBI से सलाह करके; RBI Act धारा 45ZA

मतलब

Inflation यानी महँगाई। जब समय के साथ रोज़मर्रा की चीज़ों और सेवाओं के दाम औसतन बढ़ते हैं, तो उसी पैसे में पहले से कम सामान आता है। भारत में यह CPI से नापी जाती है, जिसे सांख्यिकी मंत्रालय (MoSPI) हर महीने जारी करता है।[1][2]

इसका मतलब आपके लिए क्या है

  • पैसे की ताक़त घटती है: महँगाई जितनी ज़्यादा, उतना ही आपके ₹100 से कम सामान आएगा।
  • ब्याज दरों पर असर: RBI महँगाई काबू करने के लिए Repo Rate बदल सकता है, जिससे loan की EMI और FD की ब्याज दरों पर असर पड़ सकता है।[1]
  • बचत पर असर: अगर बचत पर मिलने वाला ब्याज महँगाई से कम है, तो पैसे की असली ताक़त घटती है।

महँगाई कैसे काबू होती है

RBI के मुताबिक MPC का काम है Repo Rate तय करना, ताकि महँगाई का target हासिल हो। RBI का मुख्य मक़सद दाम स्थिर रखना है, पर विकास (growth) का ध्यान रखते हुए।

  • Target: केंद्र सरकार, RBI से सलाह करके, पाँच साल में एक बार CPI के हिसाब से target तय करती है। अभी यह 4% है, और 2% से 6% के बीच रहना छूट के भीतर है।[1]
  • चूक: लगातार तीन तिमाही तक यह छूट टूटे, तो RBI को सरकार को कारण और सुधार की योजना बतानी होती है।[1]

आम ग़लतफ़हमी

✕ ग़लतफ़हमी"Inflation का मतलब है हर चीज़ महँगी हो जाना।"
✓ सचज़रूरी नहीं। Inflation पूरी टोकरी के औसत दाम का बढ़ना है; उसी समय कुछ चीज़ें सस्ती भी हो सकती हैं। जैसे MoSPI के जनवरी 2026 के आँकड़ों में लहसुन, प्याज़ और आलू के दाम एक साल पहले से कम थे, जबकि कुल CPI फिर भी ऊपर था।[2]
✕ ग़लतफ़हमी"RBI का target है कि महँगाई शून्य हो जाए।"
✓ सचनहीं। Target 4% है, शून्य नहीं; और 2% से 6% के बीच रहना छूट के भीतर माना जाता है।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"महँगाई का target RBI ख़ुद तय करता है।"
✓ सचनहीं। RBI Act की धारा 45ZA के तहत target केंद्र सरकार RBI से सलाह करके पाँच साल में एक बार तय करती है और Official Gazette में notify करती है।[1]

परीक्षा के लिए

UPSC Mains GS-III के syllabus में "Indian Economy and issues relating to planning, mobilization of resources, growth, development and employment" लिखा है;[3] banking परीक्षाओं में Economy / Banking Awareness का हिस्सा होता है। इनकी पूरी सूची परीक्षा के लिए पन्ने पर है। याद रखने लायक़: धारा 45ZA (target), धारा 45ZB (MPC), 4% ± 2%, अवधि 1.4.2026 – 31.3.2031।[1]

सवाल-जवाब

Inflation आसान भाषा में क्या है?मान लीजिए पिछले साल ₹100 में जितना सामान आता था, आज उतने ही सामान के लिए ₹104 देने पड़ रहे हैं; तो दाम लगभग 4% बढ़े। यही inflation है। (यह सिर्फ़ समझाने का उदाहरण है।)
भारत में महँगाई कैसे नापी जाती है?RBI के मुताबिक inflation target Consumer Price Index (CPI) के हिसाब से तय होता है। CPI को सांख्यिकी मंत्रालय (MoSPI) हर महीने जारी करता है।[1][2]
Inflation target कितना है?RBI के मुताबिक 4% CPI महँगाई, ऊपरी छूट 6% और निचली 2%। यह target पहली बार 5 अगस्त 2016 को notify हुआ, 31 मार्च 2021 को अगले पाँच साल के लिए बना रहा, और 25 मार्च 2026 को फिर 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के लिए बनाए रखा गया।[1]
Target से चूकना कब माना जाता है?RBI के मुताबिक जब औसत महँगाई लगातार तीन तिमाही (quarter) तक 6% से ऊपर रहे, या लगातार तीन तिमाही तक 2% से नीचे रहे। तब RBI को सरकार को report देनी होती है: चूक की वजह, क्या क़दम उठाएगा, और कितने समय में target पर लौटेगा।[1]
महँगाई काबू करने में Repo Rate का क्या रोल है?RBI के मुताबिक छह सदस्यों वाली Monetary Policy Committee (MPC) Repo Rate तय करती है, ताकि inflation target हासिल हो। Repo Rate के बदलाव का असर पूरे financial system में ब्याज दरों और मांग पर पहुँचता है।[1]

जुड़े शब्द

स्रोत

  1. RBI — Monetary Policy (Functions > Overview): Monetary Policy Framework, Monetary Policy Committee, Instruments of Monetary Policy (17 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • The Monetary Policy Frameworkमुख्य मक़सद दाम की स्थिरता, growth का ध्यान; धारा 45ZA; CPI में target; पाँच साल में एक बार; 5.8.2016 (4%, 6%, 2%); 31.3.2021 और 25.3.2026 को बनाए रखा; 1.4.2026–31.3.2031
    • Failure to Maintain Inflation Targetलगातार तीन तिमाही 6% से ऊपर या 2% से नीचे; RBI की report: वजह, क़दम, समय
    • The Monetary Policy Committeeधारा 45ZB, छह सदस्य; Repo Rate तय करती है
  2. MoSPI (PIB के ज़रिए) — First Press Release of Consumer Price Index on Base 2024=100, 12 फ़रवरी 2026 (17 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗जारी: 12 फ़र 2026किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • Key Statistics; Top 5 items with low inflationCPI से साल-दर-साल महँगाई; जनवरी 2026 में लहसुन, प्याज़, आलू के दाम एक साल पहले से कम
  3. UPSC — Civil Services Examination 2026, Notice No. 05/2026-CSE, 04.02.2026 (17 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗जारी: 04 फ़र 2026किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पन्ना 35, Mains GS-IIIIndian Economy and issues relating to planning, mobilization of resources, growth, development and employment

सुधार का इतिहास

  • पन्ना बना। RBI की Monetary Policy वाली official जानकारी और MoSPI की CPI (Base 2024=100) press release से जाँचा।

पन्ना बना: 17 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 17 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।

यह पन्ना: https://seedhamatlab.com/shabdkosh/inflation/ · आख़िरी जाँच: 17 अक्तू 2026
छपी हुई प्रति पुरानी हो सकती है। ताज़ा पन्ना site पर देख लीजिए।