रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया एक्ट, 1934 · RBI बनाने वाला क़ानून
एक लाइन में
RBI Act, 1934 (Act No. 2 of 1934) वह क़ानून है, जिसके तहत Reserve Bank of India बना। इसके मुताबिक भारत में bank notes जारी करने का एकमात्र अधिकार RBI के पास है, monetary policy का ढाँचा RBI चलाता है, और CRR, Monetary Policy Committee और NBFC के registration जैसे नियम भी इसी क़ानून में हैं।
Act No.2 of 1934India Code
लागू1 जनवरी 1935धारा 2–19 वग़ैरह, धारा 1(3) का फ़ुटनोट
Bank notesसिर्फ़ RBIधारा 22(1)
Policy RateMPC तय करती हैधारा 45ZB(3)
1मतलब
RBI Act, 1934 वह क़ानून है, जिसके तहत Reserve Bank of India बना।[1] इसकी धारा 3(1) के मुताबिक RBI इसलिए बनाया गया कि वह currency का प्रबंधन केंद्र सरकार से अपने हाथ में ले और इस क़ानून के मुताबिक banking का कारोबार करे।[1]
Bank notes: भारत में notes जारी करने का एकमात्र अधिकार (धारा 22)।[1]
Monetary policy: inflation target (धारा 45ZA) और MPC (धारा 45ZB)।[1]
Banks और NBFC:CRR (धारा 42) और NBFC का registration (धारा 45-IA)।[1]
2RBI Act कैसे काम करता है
RBI Act, 1934RBI की स्थापना (धारा 3)
बनाया→धारा 3(1)
RBInotes, reserves, currency और credit व्यवस्था
नियम लागू→धारा 42, 45-IA
Banks और NBFCCRR, registration जैसे नियम
RBI Act की प्रस्तावना के मुताबिक RBI इसलिए बनाया गया कि वह bank notes जारी करने और reserves रखने का नियमन करे, ताकि देश में मौद्रिक स्थिरता रहे, और देश की currency और credit व्यवस्था चलाए। प्रस्तावना के मुताबिक monetary policy का मुख्य मक़सद विकास का ध्यान रखते हुए क़ीमतों में स्थिरता (price stability) बनाए रखना है।
3आम ग़लतफ़हमी
✕ ग़लतफ़हमी"RBI एक private bank है।"
✓ सचनहीं। RBI Act की धारा 3 के मुताबिक RBI इसी क़ानून के तहत बना एक body corporate है। Reserve Bank (Transfer to Public Ownership) Act, 1948 की धारा 3 के तहत RBI के सारे shares केंद्र सरकार को transfer हुए, और RBI Act के India Code पाठ के मुताबिक इसी 1948 के Act से RBI Act की धारा 5 (share capital घटाने-बढ़ाने वाली) 1 जनवरी 1949 से हटाई गई। धारा 7(1) के मुताबिक केंद्र सरकार, Governor से सलाह के बाद, जनहित में RBI को निर्देश दे सकती है।[1][2]
✕ ग़लतफ़हमी"Bank notes कोई भी bank जारी कर सकता है।"
✓ सचनहीं। धारा 22(1) के मुताबिक भारत में bank notes जारी करने का एकमात्र (sole) अधिकार RBI के पास है, और धारा 26(1) के मुताबिक हर bank note पूरे भारत में legal tender है और उसकी guarantee केंद्र सरकार देती है।[1]
4सवाल-जवाब
RBI Act कब से लागू है?India Code के पाठ में धारा 1(3) के फ़ुटनोट के मुताबिक धारा 2 से 19 समेत कई धाराएँ 1 जनवरी 1935 से लागू हुईं।[1]
RBI की पूँजी (capital) कितनी है?धारा 4 के मुताबिक RBI की capital पाँच करोड़ रुपये है।[1]
RBI को कौन चलाता है?धारा 7(2) के मुताबिक RBI के कामकाज का सामान्य निरीक्षण और निर्देशन एक Central Board of Directors के पास है; धारा 7(1) के मुताबिक केंद्र सरकार Governor से सलाह के बाद जनहित में RBI को निर्देश दे सकती है।[1]
Monetary Policy Committee किस धारा में है?धारा 45ZB में। इसके मुताबिक MPC में Governor (अध्यक्ष), monetary policy के प्रभारी Deputy Governor, Central Board का नामित एक RBI अधिकारी और केंद्र सरकार के नियुक्त तीन लोग होते हैं, और MPC inflation target पाने के लिए Policy Rate तय करती है। धारा 45ZA के मुताबिक inflation target केंद्र सरकार RBI से सलाह करके हर पाँच साल में एक बार Consumer Price Index के रूप में तय करती है।[1]
CRR का नियम किस धारा में है?धारा 42 में। इसके मुताबिक हर scheduled bank को RBI के पास अपनी demand और time liabilities का RBI द्वारा notify किया गया प्रतिशत, औसत रोज़ाना balance के रूप में रखना होता है।[1]
NBFC को RBI से registration क्यों लेना होता है?धारा 45-IA(1) के मुताबिक कोई non-banking financial company इस Chapter के तहत जारी certificate of registration, और तय net owned fund (₹25 लाख, या RBI द्वारा notify की गई कोई और रक़म जो ₹100 करोड़ से ज़्यादा न हो) के बिना non-banking financial institution का कारोबार न शुरू कर सकती है, न चला सकती है।[1]
सुधार: "RBI एक private bank है" वाली ग़लतफ़हमी के जवाब में जोड़ा कि Reserve Bank (Transfer to Public Ownership) Act, 1948 की धारा 3 से RBI के सारे shares केंद्र सरकार को गए। नया स्रोत [2] जोड़ा।
पन्ना बना। India Code पर The Reserve Bank of India Act, 1934 के पाठ ("As on the 23rd June, 2026") की प्रस्तावना, धारा 1(3) का फ़ुटनोट, धारा 3, 4, 7, 22(1), 26(1), 42, 45ZA, 45ZB और 45-IA(1) से जाँचा।