कैश रिज़र्व रेशियो · RBI के पास रखा जाने वाला नक़द हिस्सा
एक लाइन में
CRR का पूरा नाम Cash Reserve Ratio है। RBI Act की धारा 42 के मुताबिक scheduled bank को RBI के पास एक औसत रोज़ाना balance रखना होता है, जो उसकी demand और time liabilities का वह प्रतिशत हो, जो RBI notify करे। Commercial banks के लिए यह अभी NDTL का 3% है, और RBI इस balance पर कोई ब्याज नहीं देता।
क़ानूनी आधारRBI Act, धारा 42और BR Act, धारा 18
अभी (commercial banks)3%NDTL का, पैरा 9
RBI से ब्याजनहींपैरा 22
कमी परpenal interestBank Rate + 3%, धारा 42(3)
1मतलब
CRR का पूरा नाम Cash Reserve Ratio है।[2]RBI Act की धारा 42(1) के मुताबिक हर scheduled bank को RBI के पास एक औसत रोज़ाना balance रखना होता है, जो उसकी demand और time liabilities का वह प्रतिशत हो, जो RBI Gazette में notify करे।[1]
RBI Act की धारा 42 के मुताबिक scheduled bank को RBI के पास एक औसत रोज़ाना balance रखना होता है, जो उसकी demand और time liabilities का RBI द्वारा notify किया गया प्रतिशत हो। Commercial banks के लिए यह अभी 3% है, और पखवाड़े के हर दिन कम से कम ज़रूरी CRR का 90% रखना होता है।
3आम ग़लतफ़हमी
✕ ग़लतफ़हमी"CRR का पैसा RBI के पास रखने पर bank को ब्याज मिलता है।"
✓ सचनहीं। RBI के CRR और SLR Directions के पैरा 22 के मुताबिक RBI scheduled commercial banks के CRR balance पर कोई ब्याज नहीं देता।[2]
✕ ग़लतफ़हमी"CRR और SLR एक ही चीज़ हैं।"
✓ सचनहीं। Directions के मुताबिक CRR की रक़म RBI के पास balance के रूप में रखी जाती है (पैरा 9), जबकि SLR के लिए bank cash, सोना या तय सरकारी securities जैसी assets रखता है (पैरा 28)। अभी commercial banks के लिए CRR 3% है और SLR कम से कम 18% (पैरा 9, 25)।[2]
4सवाल-जवाब
CRR का पूरा नाम क्या है?CRR का पूरा नाम Cash Reserve Ratio है।[2]
अभी CRR कितना है?पैरा 9 के मुताबिक commercial banks को RBI के पास अपनी NDTL (दूसरे पिछले पखवाड़े के आख़िरी दिन की) के कम से कम 3% के बराबर औसत रोज़ाना balance रखना होता है; यह दर 29 नवंबर 2025 से शुरू पखवाड़े से लागू है। इससे पहले 2025 में यह 6 सितंबर से 3.75%, 4 अक्टूबर से 3.5% और 1 नवंबर से 3.25% की गई थी।[2]
क्या हर दिन पूरा CRR रखना ज़रूरी है?पैरा 10 के मुताबिक पखवाड़े के हर दिन कम से कम ज़रूरी CRR का 90% रखना होता है, और पूरे पखवाड़े का रोज़ाना औसत तय CRR से कम नहीं होना चाहिए।[2]
पखवाड़ा (fortnight) किसे कहते हैं?RBI Act की धारा 42 के Explanation (b) के मुताबिक हर महीने की 1 से 15 तारीख़, या 16 से महीने की आख़िरी तारीख़ तक का समय, दोनों दिन शामिल। यह परिभाषा 15 दिसंबर 2025 से लागू है।[1]
CRR कम पड़ जाए, तो क्या होता है?धारा 42(3) के मुताबिक किसी पखवाड़े में औसत रोज़ाना balance तय न्यूनतम से कम हो, तो bank को कमी की रक़म पर Bank Rate से 3% ज़्यादा दर पर penal interest RBI को देना होता है; अगले पखवाड़े में भी कमी रहे, तो यह दर Bank Rate से 5% ज़्यादा हो जाती है। धारा 42(3A) के मुताबिक इसके बाद भी कमी रहे, तो RBI उस bank को नई जमा लेने से रोक सकता है।[1]
क्या हर देनदारी पर CRR लगता है?नहीं। पैरा 19 में कुछ देनदारियाँ CRR और SLR के हिसाब से बाहर रखी गई हैं, जैसे paid-up capital, reserves, और RBI, NABARD, SIDBI जैसी संस्थाओं से लिया गया क़र्ज़; पैरा 20 में CRR से कुछ और छूटें हैं।[2]
RBI CRR किस आधार पर तय करता है?RBI Act की धारा 42(1) के मुताबिक RBI देश में मौद्रिक स्थिरता (monetary stability) पक्की करने की ज़रूरत को ध्यान में रखते हुए यह प्रतिशत Gazette में notify करता है।[1]
पैरा 3commercial banks पर लागू; SFB, LAB, Payments Bank नहीं
पैरा 7, 9CRR; अभी NDTL का 3% और 2025 के बदलाव
पैरा 10हर दिन कम से कम 90%
पैरा 19, 20बाहर रखी देनदारियाँ; छूट
पैरा 22CRR balance पर ब्याज नहीं
पैरा 25, 28SLR 18%; SLR assets
7सुधार का इतिहास
पन्ना बना। India Code पर RBI Act, 1934 ("As on the 23rd June, 2026") की धारा 42(1), 42(3) और 42(3A), और RBI के Commercial Banks – CRR और SLR Directions, 2025 (Updated as on August 25, 2026) के पैरा 3, 7, 9, 10, 19, 20, 22, 25 और 28 से जाँचा।