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शब्द · पैसे की बुनियाद✓ स्रोत से जाँचा · 24 Oct 2026

External Debt (विदेशी क़र्ज़)

विदेशी क़र्ज़ · देश के निवासियों पर non-residents का बकाया क़र्ज़

एक लाइन में

External Debt (विदेशी क़र्ज़) देश के निवासियों (residents) की वह बकाया देनदारी है, जो उन्हें non-residents को चुकानी है और जिस पर आगे मूलधन और/या ब्याज चुकाना है। RBI के मुताबिक end-June 2026 में भारत का external debt US$ 778.2 billion था, जो GDP का 20.8% है।

कुल, end-June 2026US$ 778.2 billionमार्च 2026 से US$ 15.4 billion ज़्यादा
GDP से अनुपात20.8%मार्च 2026 में 20.9%
Short-term (original maturity)19.7%long-term US$ 624.7 billion
US dollar में54.8%Indian rupee में 29.8%

मतलब

DEA की Status Report के मुताबिक external debt residents की वे वास्तविक, मौजूदा (contingent नहीं) देनदारियाँ हैं, जो उन्हें non-residents को चुकानी हैं और जिन पर आगे किसी तारीख़ पर मूलधन और/या ब्याज चुकाना है।[2]

RBI की 30 सितंबर 2026 की press release के मुताबिक end-June 2026 में भारत का external debt US$ 778.2 billion था, जो end-March 2026 से US$ 15.4 billion ज़्यादा है; external debt और GDP का अनुपात 20.8% रहा।[1]

क़र्ज़ कैसे बनता और चुकता है

RBI के मुताबिक end-June 2026 में debt service (मूलधन की वापसी और ब्याज) current receipts का 5.6% था, जितना end-March 2026 में था।

रोज़ की ज़िंदगी का उदाहरण

उदाहरण (समझाने के लिए): मान लीजिए आपके मोहल्ले की एक दुकान ने विदेश में रहने वाले एक रिश्तेदार से माल ख़रीदने के लिए उधार लिया, और एक दूसरी दुकान ने विदेश की company से माल लेकर पैसे तीन महीने बाद देने का वादा किया (trade credit)। मोहल्ले के बाहर वालों का जो कुल बकाया इन दुकानों पर है, वह मोहल्ले का 'विदेशी क़र्ज़' जैसा है। इसमें से जो अगले एक साल में चुकाना है, वह short-term हिस्सा है।

आम ग़लतफ़हमी

✕ ग़लतफ़हमी"External debt सिर्फ़ सरकार का क़र्ज़ है।"
✓ सचनहीं। RBI के मुताबिक end-June 2026 में सबसे बड़ा हिस्सा non-financial corporations का (36.1%) था; फिर deposit-taking corporations (central bank छोड़कर) 26.2%, general government 22.4% और other financial corporations 10.2%।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"सारा विदेशी क़र्ज़ dollar में है।"
✓ सचनहीं। RBI के मुताबिक end-June 2026 में US dollar वाला क़र्ज़ 54.8% था; Indian rupee में 29.8%, Yen में 6.9%, SDR में 4.1% और Euro में 3.5%।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"Short-term debt 19.7% है, तो अगले एक साल में बस इतना ही चुकाना है।"
✓ सचनहीं। 19.7% original maturity (एक साल तक) वाला हिस्सा है। RBI के मुताबिक residual maturity के हिसाब से — यानी long-term क़र्ज़ का अगले 12 महीनों में देय हिस्सा जोड़कर — short-term debt कुल external debt का 43.4% था।[1]

परीक्षा के लिए

याद रखने लायक़: End-June 2026 (RBI, 30.09.2026): US$ 778.2 billion; GDP का 20.8%; short-term (original) 19.7%, residual 43.4%; USD 54.8%, INR 29.8%; debt service 5.6% of current receipts। इस तरह के बाक़ी शब्द परीक्षा के लिए पन्ने पर हैं।[1]

सवाल-जवाब

External debt की परिभाषा क्या है?DEA की Status Report (Annexure I) में IMF की 2003 की guide के हवाले से: residents की वे वास्तविक, मौजूदा (contingent नहीं) देनदारियाँ, जो उन्हें non-residents को चुकानी हैं और जिन पर आगे मूलधन और/या ब्याज चुकाना है। Gross external debt किसी एक तारीख़ पर नापा जाने वाला stock है।[2]
Long-term और short-term debt में क्या फ़र्क़ है?DEA की report के मुताबिक long-term debt की original maturity एक साल से ज़्यादा होती है; short-term debt वह है, जो माँगने पर चुकाना हो या जिसकी original maturity एक साल या उससे कम हो।[2] RBI के मुताबिक end-June 2026 में long-term debt US$ 624.7 billion था।[1]
विदेशी क़र्ज़ किस रूप में है?RBI के मुताबिक end-June 2026 में loans 34.3%, currency और deposits 22.2%, trade credit और advances 19.1%, और debt securities 16.5% थे।[1]
Dollar के मज़बूत होने का असर?RBI के मुताबिक end-June 2026 की तिमाही में Yen और Euro जैसी मुद्राओं के मुक़ाबले US dollar मज़बूत होने से US$ 0.9 billion का valuation gain हुआ; इसे हटाएँ तो debt US$ 15.4 की जगह US$ 16.4 billion बढ़ता।[1]

जुड़े शब्द

स्रोत

  1. RBI — Press Release: India's External Debt as at the end of June 2026, Press Release 2026-2027/1220, 30 सितंबर 2026; Highlights के बिंदुओं पर नंबर नहीं, ऊपर से गिने (24 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗जारी: 30 सित 2026किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • Highlights, बिंदु 1-2US$ 778.2 billion (+15.4); GDP का 20.8% (मार्च 2026: 20.9%)
    • Highlights, बिंदु 3-6valuation gain 0.9; long-term 624.7; short-term 19.7%; residual 43.4%
    • Highlights, बिंदु 7USD 54.8%, INR 29.8%, Yen 6.9%, SDR 4.1%, Euro 3.5%
    • Highlights, बिंदु 9-11sector हिस्से 36.1/26.2/22.4/10.2%; loans 34.3%; debt service 5.6%
  2. Ministry of Finance (DEA) — India's External Debt: A Status Report 2025-26 (दस्तावेज़ पर 'September 2026') (24 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • Annexure I, 1परिभाषा: non-residents की वास्तविक, मौजूदा देनदारियाँ (IMF guide, 2003); stock variable
    • Annexure I, 3long-term: original maturity एक साल से ज़्यादा; short-term: माँग पर या एक साल तक

सुधार का इतिहास

  • पन्ना बना। RBI की 30.09.2026 की press release (India's External Debt as at the end of June 2026) और वित्त मंत्रालय (DEA) की India's External Debt: A Status Report 2025-26 से जाँचा।

पन्ना बना: 24 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 24 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।

यह पन्ना: https://seedhamatlab.com/shabdkosh/external-debt/ · आख़िरी जाँच: 24 अक्तू 2026
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