सूचना डेस्क · भारत

सीधा मतलब | Seedha Matlab

Contact
शब्द · बैंकिंग✓ स्रोत से जाँचा · 8 Oct 2026

District Judge

डिस्ट्रिक्ट जज · ज़िला न्यायाधीश

एक लाइन में

Indian Succession Act के मुताबिक District Judge प्रधान सिविल अदालत (Principal Civil Court of original jurisdiction) का जज है। वसीयत और विरासत के मामलों में probate, letters of administration और succession certificate देने का अधिकार Indian Succession Act में District Judge को दिया गया है, और उसके आदेश के ख़िलाफ़ High Court में appeal होती है।

परिभाषाप्रधान सिविल अदालत का जजIndian Succession Act, धारा 2(bb)
नियुक्तिराज्यपालHigh Court से सलाह करके (अनु. 233)
Probate / LoAअपने ज़िले मेंधारा 264(1)
AppealHigh Court मेंधारा 299, 384

मतलब

Indian Succession Act की धारा 2(bb) के मुताबिक District Judge प्रधान सिविल अदालत (Principal Civil Court of original jurisdiction) का जज है।[2] संविधान के अनुच्छेद 233 के मुताबिक राज्य में district judges की नियुक्ति, posting और promotion राज्यपाल, High Court से सलाह करके करते हैं।[1]

  • कौन शामिल: संविधान के इस हिस्से में 'district judge' में city civil court के जज, additional / joint / assistant district judge, sessions judge वग़ैरह भी आते हैं।[1]
  • नियंत्रण: ज़िला अदालतों और उनके अधीन अदालतों पर High Court का नियंत्रण।[1]

विरासत के मामलों में

Indian Succession Act के मुताबिक अपने ज़िले के सभी मामलों में probate और letters of administration देने और रद्द करने का अधिकार District Judge को है, succession certificate की अर्ज़ी भी District Judge को दी जाती है, और इन आदेशों के ख़िलाफ़ High Court में appeal होती है। High Court के पास भी District Judge जैसी शक्तियाँ साथ-साथ हैं।

  • Probate / letters of administration: अपने ज़िले के सभी मामलों में देने और रद्द करने का अधिकार।[2]
  • Succession certificate: अर्ज़ी District Judge को।[2]
  • Appeal: District Judge के आदेशों के ख़िलाफ़ High Court में।[2]

आम ग़लतफ़हमी

✕ ग़लतफ़हमी"Probate सिर्फ़ High Court से मिलता है।"
✓ सचनहीं। Indian Succession Act की धारा 264(1) के मुताबिक District Judge को अपने ज़िले के सभी मामलों में probate और letters of administration देने और रद्द करने का अधिकार है; धारा 300(1) के मुताबिक High Court के पास भी ये शक्तियाँ साथ-साथ हैं।[2]
✕ ग़लतफ़हमी"District Judge का आदेश आख़िरी होता है।"
✓ सचनहीं। धारा 299 के मुताबिक इन शक्तियों के तहत District Judge के हर आदेश के ख़िलाफ़ High Court में appeal हो सकती है, और धारा 384 के मुताबिक succession certificate देने, मना करने या रद्द करने के आदेश के ख़िलाफ़ भी।[2]

अभी क्या करें

  • Probate, letters of administration या succession certificate की ज़रूरत हो, तो जान लीजिए कि Indian Succession Act के तहत यह अर्ज़ी आम तौर पर District Judge के पास जाती है।[2]

सवाल-जवाब

District Judge कौन होता है?Indian Succession Act की धारा 2(bb) के मुताबिक District Judge का मतलब है प्रधान सिविल अदालत (Principal Civil Court of original jurisdiction) का जज।[2]
District Judge की नियुक्ति कौन करता है?संविधान के अनुच्छेद 233(1) के मुताबिक राज्य के राज्यपाल, उस राज्य पर अधिकार रखने वाले High Court से सलाह करके।[1]
वकील District Judge कब बन सकता है?अनुच्छेद 233(2) के मुताबिक जो व्यक्ति पहले से केंद्र या राज्य की सेवा में नहीं है, वह तभी पात्र है, जब वह कम से कम सात साल advocate या pleader रहा हो और High Court ने उसकी सिफ़ारिश की हो।[1]
संविधान में 'district judge' में कौन-कौन आते हैं?अनुच्छेद 236 के मुताबिक इसमें city civil court के जज, additional, joint और assistant district judge, small cause court के chief judge, chief presidency magistrate, sessions judge और additional / assistant sessions judge भी शामिल हैं।[1]
ज़िला अदालतों पर नियंत्रण किसका है?अनुच्छेद 235 के मुताबिक ज़िला अदालतों और उनके अधीन अदालतों पर नियंत्रण High Court का है, जिसमें district judge से नीचे के पदों के judicial officers की posting, promotion और छुट्टी शामिल है।[1]
Succession certificate की अर्ज़ी कहाँ दें?Indian Succession Act की धारा 372(1) के मुताबिक District Judge को, petition के ज़रिए।[2]

जुड़े शब्द

स्रोत

  1. India Code — The Constitution of India (Part VI, Chapter VI — Subordinate Courts) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • अनुच्छेद 233राज्यपाल की नियुक्ति, High Court से सलाह; सात साल advocate / pleader और High Court की सिफ़ारिश
    • अनुच्छेद 235ज़िला और अधीन अदालतों पर High Court का नियंत्रण
    • अनुच्छेद 236'district judge' में कौन-कौन शामिल
  2. India Code — The Indian Succession Act, 1925 (Act No. 39 of 1925), पाठ "As on the 19th June, 2026" ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • धारा 2(bb)District Judge की परिभाषा
    • धारा 264(1)ज़िले में probate और LoA देने / रद्द करने का अधिकार
    • धारा 299, 300(1)High Court में appeal; High Court का साथ-साथ अधिकार
    • धारा 372(1), 384(1)succession certificate की अर्ज़ी; appeal

सुधार का इतिहास

  • पन्ना बना। India Code पर भारत के संविधान (अनुच्छेद 233–236) और Indian Succession Act, 1925 ("As on the 19th June, 2026") के पाठ से जाँचा।

पन्ना बना: 08 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 08 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।