1मतलब
RBI की पुस्तिका के मुताबिक SIM swap या SIM cloning में ठग ग्राहक के SIM (Subscriber Identity Module) card तक पहुँच बना लेते हैं, या ग्राहक के bank खाते से जुड़े mobile number का duplicate SIM हासिल कर लेते हैं। यह duplicate SIM electronic-SIM (e-SIM) भी हो सकता है।[1]
फिर ठग उस duplicate SIM पर आए OTP से बिना इजाज़त के लेनदेन करते हैं।[1]
TRAI और DoT 'SIM swap / replacement' शब्द SIM बदले जाने के लिए इस्तेमाल करते हैं। ठगी तब है, जब यह काम धोखे से कोई और करा ले; TRAI ने इसे 'fraudulent SIM swap / replacement' कहा है।[2]
2इसका मतलब आपके लिए क्या है
- निशाना आपका OTP है: ठग duplicate SIM पर आए OTP से आपके खाते में बिना इजाज़त लेनदेन करते हैं।[1]
- पहचान की जानकारी मत दीजिए: SIM से जुड़ी अपनी पहचान की जानकारी किसी को मत दीजिए।[1]
- Network पर नज़र रखिए: आम जगह पर भी phone में काफ़ी देर तक network न आए, तो तुरंत mobile operator से संपर्क कीजिए।[1]
- 7 दिन की रोक: SIM swap / replacement के 7 दिन के भीतर number port करने का code (UPC) नहीं मिलता। यह नियम 1 जुलाई 2024 से लागू है।[2]
3ठगी कैसे होती है
Phone में काफ़ी देर तक network न आए, तो तुरंत अपनी mobile कंपनी से पूछिए।
- ठग आम तौर पर telephone या mobile network का कर्मचारी बनकर संपर्क करता है।[1]
- बहाना किसी offer का होता है: जैसे SIM को 3G से 4G में मुफ़्त upgrade करना, या SIM पर और फ़ायदे देना।[1]
- इस बहाने वह ग्राहक की निजी और पहचान की जानकारी ले लेता है।[1]
- इसके बाद वह ग्राहक के number का duplicate SIM हासिल कर सकता है, और उस पर आए OTP से लेनदेन कर सकता है।[1]
4रोकथाम के नियम
- TRAI का नियम: TRAI ने 14 मार्च 2024 को Telecommunication Mobile Number Portability (Ninth Amendment) Regulations, 2024 जारी किए, जो 1 जुलाई 2024 से लागू हैं।[2]
- मक़सद: धोखे से कराए गए SIM swap / replacement के ज़रिए mobile number port कराने पर रोक लगाना।[2]
- क्या बदला: SIM swap / replacement की तारीख़ से 7 दिन पूरे होने से पहले Unique Porting Code (UPC) माँगा जाए, तो वह नहीं दिया जाता।[2]
- SIM बदलने की KYC: राज्यसभा में 7 अगस्त 2025 को बताया गया कि DoT ने SIM swap / replacement के लिए एक मज़बूत KYC प्रक्रिया लागू की है।[3]
- SIM बेचने वालों की जाँच: DoT के निर्देशों के मुताबिक telecom कंपनियों को अपने Point of Sale, यानी ग्राहक जोड़ने और SIM देने वालों, को biometric verification और पते की जाँच के साथ register करना है।[3]
5आम ग़लतफ़हमी
6आपका अधिकार
- पैसा जा चुका हो: Chakshu इसके लिए नहीं है। 1930 पर call कीजिए या cybercrime.gov.in पर report कीजिए।[4]
7अभी क्या करें
- कोई mobile कंपनी का कर्मचारी बनकर SIM upgrade या offer के नाम पर जानकारी माँगे, तो मत दीजिए।[1]
- Phone में काफ़ी देर तक network न आए, तो तुरंत अपनी mobile कंपनी से पूछिए कि कहीं आपके number का duplicate SIM तो जारी नहीं हुआ।[1]
- ठगी की कोशिश हुई, पर पैसा नहीं गया: Chakshu पर report कीजिए।[4]
- पैसा कट गया: card block कराइए और उससे जुड़े खाते से debit भी रुकवाइए; Net banking और Mobile banking जैसे बाक़ी रास्ते भी जाँचिए।[1]
- फिर 1930 पर call कीजिए या cybercrime.gov.in पर report कीजिए।[1]
8सवाल-जवाब
9जुड़े शब्द
10स्रोत
- RBI — BE(A)WARE: A Booklet on Modus Operandi of Financial Fraudsters (पुस्तिका पर तारीख़ नहीं है; पन्ना संख्या पुस्तिका की है) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- Part A, 7 (पन्ना 9)SIM का पूरा नाम; SIM तक पहुँच या duplicate SIM (e-SIM भी); उस पर आए OTP से लेनदेन; mobile network का कर्मचारी बनकर, upgrade के offer के नाम पर जानकारी
- Part A, 7: PrecautionsSIM की पहचान की जानकारी न देना; काफ़ी देर network न आए, तो mobile operator से तुरंत संपर्क
- Part C (पन्ना 27)ठगी के बाद: card block, खाते से debit रुकवाना, बाक़ी banking रास्ते जाँचना; 1930 या cybercrime.gov.in
- संचार मंत्रालय (PIB) — Telecommunication Mobile Number Portability (Ninth Amendment) Regulations, 2024 comes into force from July 01, press release, 28 जून 2024 (Release ID 2029389) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 1TRAI ने 14 मार्च 2024 को नियम जारी किए; 1 जुलाई 2024 से लागू
- पैरा 2मक़सद: धोखे से कराए गए SIM swap / replacement से number port कराने पर रोक; 7 दिन के भीतर UPC नहीं
- संचार मंत्रालय (PIB) — Telecom-Related Cyber Frauds and Safety Measures, राज्यसभा में लिखित उत्तर, 7 अगस्त 2025 (Release ID 2153524) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 3SIM बेचने वाले Point of Sale का registration: biometric verification और पते की जाँच
- पैरा 4SIM swap / replacement के लिए मज़बूत KYC प्रक्रिया
- दूरसंचार विभाग (DoT) — Sanchar Saathi portal: पहला पन्ना, About और Frequently Asked Questions (Website Last Updated: 05-10-2026) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- About: Chakshuठगी के इरादे से आए call, SMS या WhatsApp की report; पैसों की ठगी के लिए नहीं, उसके लिए 1930 या cybercrime.gov.in
11सुधार का इतिहास
- पन्ना बना। RBI की BE(A)WARE पुस्तिका, संचार मंत्रालय की 28 जून 2024 और 7 अगस्त 2025 की PIB release और Sanchar Saathi portal से जाँचा।
पन्ना बना: 07 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 07 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।