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शब्द · बैंकिंग✓ स्रोत से जाँचा · 13 Oct 2026

Tax Regime

Tax Regime · नई और पुरानी कर-व्यवस्था

एक लाइन में

Tax regime यानी आयकर गिनने की व्यवस्था। Individual और HUF जैसे taxpayers के लिए दो व्यवस्थाएँ हैं: नई (default), जिसमें slab दरें कम हैं पर ज़्यादातर छूट और कटौतियाँ नहीं मिलतीं; और पुरानी, जो ख़ुद चुननी पड़ती है और जिसमें 80C जैसी कटौतियाँ मिलती हैं। FY 2025-26 (AY 2026-27) और tax year 2026-27, दोनों के लिए दोनों व्यवस्थाओं की slab दरें एक जैसी हैं।

Default व्यवस्थानई कर-व्यवस्थाAY 2024-25 से (1961 का Act, धारा 115BAC); नए Act में धारा 202
नई व्यवस्था में rebate₹60,000 तकresident individual; कुल आय ₹12 लाख तक हो, तो tax का 100% या ₹60,000, जो कम (AY 2026-27 और tax year 2026-27)
पुरानी व्यवस्था में rebate₹12,500 तककुल आय ₹5 लाख तक हो, तब
बिना कारोबार वाली आय पर विकल्पहर सालreturn के साथ, due date तक भरी return में

मतलब

Tax regime यानी आयकर गिनने की व्यवस्था। Individual, HUF और कुछ दूसरे taxpayers के लिए दो व्यवस्थाएँ हैं।[1]

  • नई कर-व्यवस्था (default): slab दरें कम, पर ज़्यादातर छूट और कटौतियाँ नहीं। आप कुछ न चुनें, तो tax इसी से गिना जाता है।[1]
  • पुरानी कर-व्यवस्था: 80C, 80D, home loan ब्याज जैसी कटौतियाँ मिलती हैं, पर इसे ख़ुद चुनना पड़ता है।[1]

किस साल पर कौन-सा क़ानून: FY 2025-26 (AY 2026-27) की आय पर पुराना Income-tax Act, 1961 लागू है (नई व्यवस्था धारा 115BAC में)।[1][2] 1 अप्रैल 2026 से शुरू tax year 2026-27 की आय पर नया Income-tax Act, 2025 (नई व्यवस्था धारा 202 में) और Finance Act, 2026 की दरें लागू हैं।[3][4]

इसका मतलब आपके लिए क्या है

  • ₹12 लाख तक की आय पर rebate: नई व्यवस्था में resident individual की कुल आय ₹12 लाख तक हो, तो tax का 100% या ₹60,000, जो कम हो, rebate के रूप में घटता है।[2][3] यह rebate, नई व्यवस्था की slab दरों पर बनने वाले tax से ज़्यादा नहीं हो सकती।[2][3]
  • दोनों में हिसाब लगाइए: पुरानी व्यवस्था में कटौतियाँ मिलती हैं और नई में दरें कम हैं; इसलिए अपनी आय और कटौतियों पर दोनों में tax निकालकर देखिए।[1]
  • Salary वालों को आज़ादी: काम-धंधे की आय न हो, तो हर साल return के साथ नए सिरे से चुन सकते हैं।[1][2]

Tax कैसे गिना जाता है

पुरानी व्यवस्था न चुनें, तो tax अपने आप नई व्यवस्था से गिना जाता है।

नई कर-व्यवस्था की दरें

AY 2026-27 और tax year 2026-27, दोनों के लिए; हर उम्र के लिए एक जैसी:[1][2][3]

  • ₹4 लाख तक: शून्य
  • ₹4,00,001 से ₹8 लाख: 5%
  • ₹8,00,001 से ₹12 लाख: 10%
  • ₹12,00,001 से ₹16 लाख: 15%
  • ₹16,00,001 से ₹20 लाख: 20%
  • ₹20,00,001 से ₹24 लाख: 25%
  • ₹24 लाख से ऊपर: 30%

पुरानी कर-व्यवस्था की दरें

AY 2026-27 और tax year 2026-27, दोनों के लिए:[1][4]

  • 60 साल से कम: ₹2.5 लाख तक शून्य; ₹2.5–5 लाख पर 5%; ₹5–10 लाख पर 20%; ₹10 लाख से ऊपर 30%।
  • 60 से 80 साल से कम: ₹3 लाख तक शून्य; ₹3–5 लाख पर 5%; ₹5–10 लाख पर 20%; ₹10 लाख से ऊपर 30%।
  • 80 साल या ज़्यादा: ₹5 लाख तक शून्य; ₹5–10 लाख पर 20%; ₹10 लाख से ऊपर 30%।

Tax year 2026-27 के लिए Finance Act, 2026 में 60 और 80 साल वाली ऊँची सीमाएँ resident individual के लिए लिखी हैं।[4]

कौन, कैसे चुने

  • काम-धंधे या पेशे की आय नहीं: पुरानी व्यवस्था का विकल्प हर साल return के साथ; AY 2026-27 में ऐसी return धारा 139(1) की due date तक भरनी है।[1][2] Tax year 2026-27 में यह विकल्प धारा 263(1) वाली return के साथ है।[3]
  • काम-धंधे या पेशे की आय है: AY 2026-27 के लिए due date तक Form 10-IEA। एक बार चुना विकल्प आगे के सालों पर भी लागू रहता है, और वापस नई व्यवस्था में आने का मौक़ा ज़िंदगी में एक ही बार मिलता है।[1][2] Tax year 2026-27 के लिए धारा 202(4) में यही नियम है।[3]

नई व्यवस्था में क्या मिलता है, क्या नहीं

  • मिलता है (AY 2026-27): salary पर ₹75,000 का standard deduction; employer का NPS में अंशदान (80CCD(2)); Agniveer Corpus Fund (80CCH); किराये पर दिए घर के loan का ब्याज, पर उसका loss दूसरी आय से नहीं घटता।[1][2]
  • नहीं मिलता: 80C, 80D जैसी ज़्यादातर Chapter VI-A कटौतियाँ, और professional tax की कटौती।[2] Tax year 2026-27 में भी धारा 202(2) ऐसी छूट और कटौतियाँ रोकती है।[3]

आम ग़लतफ़हमी

✕ ग़लतफ़हमी"नई व्यवस्था में कोई कटौती नहीं मिलती।"
✓ सचनहीं। AY 2026-27 में भी salary पर ₹75,000 का standard deduction, employer का NPS में अंशदान (80CCD(2)) और Agniveer Corpus Fund वाली कटौती (80CCH) नई व्यवस्था में मिलती है।[1][2] बाक़ी ज़्यादातर Chapter VI-A कटौतियाँ, जैसे 80C और 80D, नहीं मिलतीं।[2]
✕ ग़लतफ़हमी"₹12 लाख से एक रुपया भी ज़्यादा हुआ, तो पूरा tax लगेगा।"
✓ सचपूरा नहीं। नई व्यवस्था में कुल आय ₹12 लाख से थोड़ी ज़्यादा हो, तो rebate इतनी मिलती है कि tax, ₹12 लाख से ऊपर की रक़म से ज़्यादा न हो।[2][3]
✕ ग़लतफ़हमी"एक बार पुरानी व्यवस्था चुन ली, तो हमेशा उसी में रहना होगा।"
✓ सचकाम-धंधे या पेशे की आय न हो, तो आप हर साल return के साथ चुन सकते हैं। काम-धंधे या पेशे की आय वालों पर यह बंदिश है: एक बार चुना विकल्प आगे के सालों पर भी लागू होता है, और उसे ज़िंदगी में एक ही बार वापस लिया जा सकता है।[1][2][3]
✕ ग़लतफ़हमी"नई व्यवस्था में senior citizens की tax-मुक्त सीमा ज़्यादा है।"
✓ सचनहीं। AY 2026-27 के लिए नई व्यवस्था की slab दरें हर उम्र के लिए एक जैसी हैं। Senior citizens (60 या ज़्यादा) और 80 या ज़्यादा उम्र वालों की ऊँची tax-मुक्त सीमा, ₹3 लाख और ₹5 लाख, सिर्फ़ पुरानी व्यवस्था में है।[1]

आपका अधिकार

काम-धंधे या पेशे की आय न हो, तो आप हर साल return भरते समय ख़ुद तय कर सकते हैं कि tax किस व्यवस्था से गिना जाए; बस return due date तक भरनी होगी।[1][2]

अभी क्या करें

  • साल की कुल आय और पुरानी व्यवस्था में मिलने वाली कटौतियाँ जोड़कर दोनों व्यवस्थाओं में tax निकालिए।[1]
  • पुरानी व्यवस्था चुननी हो, तो return due date तक भरिए; काम-धंधे वाले Form 10-IEA भी समय पर भरें।[1]
  • FY 2025-26 और tax year 2026-27 के नियम अलग क़ानूनों में हैं; हिसाब लगाते समय साल ज़रूर देखिए।[2][3]

सवाल-जवाब

FY 2025-26 (AY 2026-27) की return किस नियम से बनेगी?पुराने Income-tax Act, 1961 से। नई व्यवस्था धारा 115BAC(1A)(iii) में है, और rebate धारा 87A में। e-filing portal का AY 2026-27 वाला पन्ना भी 1961 के Act के हिसाब से है।[1][2]
1 अप्रैल 2026 से शुरू हुए साल (tax year 2026-27) की आय पर?नए Income-tax Act, 2025 से। नई व्यवस्था धारा 202 में है और rebate धारा 156 में। पुरानी व्यवस्था की दरें Finance Act, 2026 की First Schedule के Part I-B में हैं। दोनों व्यवस्थाओं की slab दरें AY 2026-27 जैसी ही हैं।[3][4]
नई व्यवस्था की दरें क्या हैं?AY 2026-27 और tax year 2026-27, दोनों में: ₹4 लाख तक शून्य; ₹4–8 लाख पर 5%; ₹8–12 लाख पर 10%; ₹12–16 लाख पर 15%; ₹16–20 लाख पर 20%; ₹20–24 लाख पर 25%; ₹24 लाख से ऊपर 30%। ये दरें हर उम्र के लिए एक जैसी हैं।[1][2][3]
पुरानी व्यवस्था की दरें क्या हैं?60 साल से कम: ₹2.5 लाख तक शून्य; ₹2.5–5 लाख पर 5%; ₹5–10 लाख पर 20%; ₹10 लाख से ऊपर 30%। 60 से 80 साल से कम: ₹3 लाख तक शून्य; ₹3–5 लाख पर 5%; ₹5–10 लाख पर 20%; ₹10 लाख से ऊपर 30%। 80 साल या ज़्यादा: ₹5 लाख तक शून्य, ₹5–10 लाख पर 20%, ₹10 लाख से ऊपर 30%। AY 2026-27 और tax year 2026-27, दोनों के लिए यही हैं।[1][4] Tax year 2026-27 के लिए Finance Act, 2026 में 60 और 80 साल वाली ऊँची सीमाएँ resident individual के लिए लिखी हैं।[4]
पुरानी व्यवस्था में कौन-सी कटौतियाँ मिलती हैं?AY 2026-27 के लिए portal के मुताबिक, जैसे: 80C, 80CCC और 80CCD(1) मिलाकर ₹1,50,000; NPS (Pension Scheme of Central Government) में अंशदान पर, 80CCD(1) से अलग, 80CCD(1B) में ₹50,000; health insurance पर 80D; अपने रहने वाले घर के home loan के ब्याज पर 24(b) में ₹2 लाख तक; savings खाते के ब्याज पर 80TTA में ₹10,000 (senior citizen न हों, तो); senior citizen के जमा पर ब्याज के लिए 80TTB में ₹50,000।[1]
Rebate क्या है, और किसे मिलती है?Rebate, गिने हुए tax में से सीधी छूट है, और यह सिर्फ़ resident individual को मिलती है। नई व्यवस्था में: कुल आय ₹12 लाख तक हो, तो tax का 100% या ₹60,000, जो कम हो। पुरानी में: कुल आय ₹5 लाख तक हो, तो ₹12,500 तक। नई व्यवस्था की rebate उस tax से ज़्यादा नहीं हो सकती, जो नई व्यवस्था की slab दरों पर बनता है।[2][3]
काम-धंधे वाले पुरानी व्यवस्था कैसे चुनें?AY 2026-27 के लिए portal के मुताबिक, धारा 139(1) की due date तक Form 10-IEA भरकर। वापस नई व्यवस्था में आने के लिए भी Form 10-IEA भरना होता है, और यह मौक़ा ज़िंदगी में एक ही बार मिलता है।[1] Tax year 2026-27 के लिए धारा 202(4) में यही नियम है, और विकल्प तय तरीक़े से, धारा 263(1) की due date तक देना है।[3]
Surcharge और cess कितना है?AY 2026-27 के लिए portal के मुताबिक: कुल आय ₹50 लाख से ऊपर हो, तो tax पर surcharge लगता है (₹50 लाख–1 करोड़ पर 10%, ₹1–2 करोड़ पर 15%, ₹2–5 करोड़ पर 25%; ₹5 करोड़ से ऊपर पुरानी व्यवस्था में 37% और नई में 25%), और tax व surcharge पर 4% Health & Education cess।[1]

जुड़े शब्द

स्रोत

  1. Income Tax Department (e-filing portal) — Returns and Forms Applicable for Salaried Individuals for AY 2026-27 (पन्ने पर "Page Last Reviewed or Updated: 09-Jul-2026"; 13 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • New Tax Regime Vs Old Tax RegimeAY 2024-25 से नई व्यवस्था default; बिना कारोबार: हर साल ITR में, 139(1) की due date तक; कारोबार: Form 10-IEA, वापसी ज़िंदगी में एक बार
    • Tax Slabs for AY 2026-27 (तालिका 1–3)दोनों व्यवस्थाओं की slab दरें, तीनों उम्र-वर्ग
    • Applicable Surcharge Rates, Notesurcharge की दरें; 4% Health & Education cess
    • Rebate u/s 87Aनई: ₹60,000, आय ₹12 लाख तक; पुरानी: ₹12,500, आय ₹5 लाख तक
    • Investments / Payments / Incomes … A और Bनई व्यवस्था में 24(b) (किराये वाला घर), 80CCD(2), 80CCH; पुरानी में 80C समूह ₹1.5 लाख, 80CCD(1B) ₹50,000, 80D, 24(b) ₹2 लाख, 80TTA, 80TTB
  2. Income Tax Department — Income-tax Act, 1961 (Finance Act, 2026 तक के बदलावों के साथ; 13 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • धारा 115BAC(1A)(iii)AY 2026-27 से नई व्यवस्था की दरें (Act 7 of 2025, 1-4-2026 से)
    • धारा 115BAC(2)(i)नई व्यवस्था में धारा 16(ii), (iii) और Chapter VI-A की कटौतियाँ नहीं, सिवाय 80CCD(2), 80CCH(2), 80JJAA
    • धारा 115BAC(6)विकल्प: कारोबार वाले 139(1) की due date तक, आगे के सालों पर लागू, वापसी एक बार; बाक़ी return के साथ
    • धारा 87A और provisos₹12,500 / ₹5 लाख; नई व्यवस्था में ₹60,000 / ₹12 लाख और ₹12 लाख से ऊपर की राहत; rebate नई व्यवस्था की दरों वाले tax तक
    • धारा 16(ia) और provisoनई व्यवस्था में standard deduction ₹75,000
  3. Income Tax Department — Income-tax Act, 2025 (Act 30 of 2025; Finance Act, 2026 तक के बदलावों के साथ; 1 अप्रैल 2026 से लागू; 13 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗जारी: 21 अग 2025 · लागू: 01 अप्रैल 2026किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • धारा 202(1)नई व्यवस्था की दरें, tax year के लिए
    • धारा 202(2)(a)कौन-सी छूट और कटौतियाँ नहीं मिलतीं (Chapter VIII, धारा 124(1), (2), 125(2) और 146 को छोड़कर)
    • धारा 202(4)पुरानी व्यवस्था का विकल्प: कारोबार वाले 263(1) की due date तक, वापसी एक बार; बाक़ी return के साथ
    • धारा 156rebate: ₹12,500 / ₹5 लाख; नई व्यवस्था में ₹60,000 / ₹12 लाख, ऊपर की राहत, नई दरों वाले tax तक सीमा
  4. Income Tax Department — Finance Act, 2026 (Act No. 4 of 2026, 30 मार्च 2026; 13 अक्टूबर 2026 को पढ़ा) ↗जारी: 30 मार्च 2026 · लागू: 01 अप्रैल 2026किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • धारा 1(2)(a)धारा 2 से 129: 1 अप्रैल 2026 से लागू
    • धारा 3(1)1 अप्रैल 2026 से शुरू tax year के लिए दरें First Schedule के Part I-B से
    • First Schedule, Part I-B, Paragraph A (I)–(III)पुरानी व्यवस्था की दरें: ₹2.5 लाख / ₹3 लाख / ₹5 लाख तक शून्य, 5%, 20%, 30%

सुधार का इतिहास

  • पन्ना बना। Income-tax Act, 1961 की धारा 115BAC और 87A, Income-tax Act, 2025 की धारा 156 और 202, Finance Act, 2026 की धारा 1, 3 और First Schedule (Part I-B), और e-filing portal के AY 2026-27 वाले पन्ने से जाँचा।

पन्ना बना: 13 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 13 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।

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