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शब्द · बैंकिंग✓ स्रोत से जाँचा · 8 Oct 2026

Power of Attorney

वह दस्तावेज़, जिससे आप किसी को अपनी ओर से और अपने नाम में काम करने का अधिकार देते हैं

एक लाइन में

Power of Attorney (PoA) वह दस्तावेज़ है, जिससे एक व्यक्ति किसी तय व्यक्ति को अपनी ओर से और अपने नाम में काम करने का अधिकार देता है। देने वाले को donor या principal, और पाने वाले को donee, attorney या agent कहते हैं। Indian Contract Act के मुताबिक principal की मृत्यु पर agency ख़त्म हो जाती है।

क़ानून1882Powers-of-Attorney Act, 1882; 1 मई 1882 से लागू
देने वाला और पाने वालाDonor, Doneedonor को principal, और donee को attorney या agent भी कहते हैं
Principal की मृत्यु परख़त्मagency ख़त्म हो जाती है (Contract Act की धारा 201)
बिना जानकारी के भुगतानसुरक्षितgood faith में भुगतान करने वाला ज़िम्मेदार नहीं (PoA Act की धारा 3)

मतलब

Power of Attorney वह instrument है, जो किसी तय व्यक्ति को, उसे execute करने वाले की ओर से और उसके नाम में काम करने का अधिकार देता है।[1]

Powers-of-Attorney Act अधिकार देने वाले को donor और पाने वाले को donee कहता है। Registration Act उन्हीं को principal और agent कहता है। Agent और principal के रिश्ते (agency) के नियम Indian Contract Act में हैं।[1][2][3]

कैसे काम करता है

Donee इस अधिकार से जो काम करता है, वह क़ानून में उतना ही असरदार है, जितना donor के नाम और दस्तख़त से किया गया काम।

  • अपने नाम से: donee, donor के दिए अधिकार से, कोई भी instrument या काम अपने नाम और अपने दस्तख़त से कर सकता है।[1]
  • असर: ऐसा हर काम क़ानून में उतना ही असरदार है, जितना donor के नाम और दस्तख़त से किया गया होता।[1]
  • कौन दे सकता है: agent वही रख सकता है, जो अपने ऊपर लागू क़ानून के हिसाब से बालिग़ हो और sound mind का हो।[3]
  • जमा कराना: Power of Attorney का instrument, affidavit या दूसरे पर्याप्त सबूत से उसका execution verify कराकर, High Court या District Court में जमा किया जा सकता है। उसकी certified copy, बिना और सबूत के, instrument की बातों का पर्याप्त सबूत होती है।[1]

Registration के लिए

  • Agent पेश करे तो: कोई दस्तावेज़ registration के लिए agent पेश करता है, तो उसका Power of Attorney तय तरीक़े से execute और authenticate होना चाहिए।[2]
  • Principal भारत में रहता हो: उस Registrar या Sub-Registrar के सामने execute और उसी से authenticate, जिसके district या sub-district में principal रहता है।[2]
  • Principal भारत में न रहता हो: Notary Public, किसी Court, Judge, Magistrate, Indian Consul या Vice-Consul, या केंद्र सरकार के representative के सामने execute और उसी से authenticate।[2]
  • जो office न आ सके: शारीरिक कमज़ोरी वाले, जेल में बंद, या Court में हाज़िरी से छूट पाए व्यक्ति को office आना ज़रूरी नहीं है। Registrar या Sub-Registrar उसके घर या जेल जाकर पूछ सकता है, या commission जारी कर सकता है।[2]
  • सबूत: ऐसा Power of Attorney, जिस पर इन्हीं में से किसी के सामने execute और authenticate होना लिखा हो, बिना और सबूत के, पेश करने भर से साबित हो सकता है।[2]
  • अदालत में: Court यह मानकर चलता है कि ऐसा Power of Attorney वैसे ही execute और authenticate हुआ था।[4]

कब ख़त्म होता है

  • पाँच स्थितियाँ: principal अधिकार वापस ले ले; agent काम छोड़ दे; काम पूरा हो जाए; principal या agent की मृत्यु हो जाए या उनमें से कोई unsound mind का हो जाए; या principal insolvent घोषित हो जाए।[3]
  • वापस लेना: principal, agent के उस अधिकार का इस्तेमाल करने से पहले, उसे कभी भी वापस ले सकता है। इसका उचित notice देना होता है; वरना इससे हुए नुक़सान की भरपाई करनी पड़ती है।[3]
  • अपवाद: जहाँ agent का अपना हित उस संपत्ति में हो जो agency का विषय है, वहाँ (कोई साफ़ contract न हो तो) उस हित को नुक़सान पहुँचाकर agency ख़त्म नहीं की जा सकती।[3]
  • कब लागू: अधिकार का ख़त्म होना agent के लिए तब लागू होता है, जब उसे पता चले; और तीसरे लोगों के लिए तब, जब उन्हें पता चले।[3]
  • मृत्यु पर agent का फ़र्ज़: principal की मृत्यु होने या उसके unsound mind का हो जाने पर agent को principal के representatives की ओर से, उसे सौंपे गए हितों की हिफ़ाज़त के उचित क़दम उठाने होते हैं।[3]
  • बिना जानकारी के भुगतान: जो व्यक्ति good faith में Power of Attorney के आधार पर भुगतान या काम करता है, वह इस वजह से ज़िम्मेदार नहीं होगा कि donor की मृत्यु हो चुकी थी या उसने अधिकार वापस ले लिया था, अगर यह बात उसे उस समय पता नहीं थी।[1]

Bank और विदेश में

  • Bank में पहचान: RBI के निर्देशों के मुताबिक bank किसी legal entity से जुड़े power of attorney holder से भी वही पहचान के दस्तावेज़ लेता है, जो खाता खोलने वाले व्यक्ति से लेता है।[5]
  • Company का खाता: bank, Board के resolution के साथ वह power of attorney भी लेता है, जो company ने अपने managers, officers या employees को अपनी ओर से लेन-देन के लिए दिया है।[5]
  • विदेश में इस्तेमाल: MEA के मुताबिक Apostille जिन निजी दस्तावेज़ों पर किया जाता है, उनमें Power of Attorney भी है।[6]

आम ग़लतफ़हमी

✕ ग़लतफ़हमी"Power of Attorney हमेशा के लिए होता है।"
✓ सचनहीं। Indian Contract Act की धारा 201 के मुताबिक agency तब ख़त्म हो जाती है, जब principal अधिकार वापस ले ले, agent काम छोड़ दे, काम पूरा हो जाए, दोनों में से किसी की मृत्यु हो जाए या वह unsound mind का हो जाए, या principal insolvent घोषित हो जाए।[3]
✕ ग़लतफ़हमी"Principal की मृत्यु के बाद भी attorney उसकी ओर से काम करता रह सकता है।"
✓ सचनहीं। Principal की मृत्यु पर agency ख़त्म हो जाती है। तब agent का फ़र्ज़ है कि वह principal के representatives की ओर से, उसे सौंपे गए हितों की हिफ़ाज़त के उचित क़दम उठाए। अपवाद वह है, जहाँ agent का अपना हित उस संपत्ति में हो।[3]
✕ ग़लतफ़हमी"एक बार दे दिया, तो Power of Attorney वापस नहीं लिया जा सकता।"
✓ सचलिया जा सकता है। धारा 203 के मुताबिक principal, agent के उस अधिकार का इस्तेमाल करने से पहले, उसे कभी भी वापस ले सकता है। अपवाद धारा 202 है: जहाँ agent का अपना हित उस संपत्ति में हो, वहाँ उस हित को नुक़सान पहुँचाकर agency ख़त्म नहीं की जा सकती।[3]
✕ ग़लतफ़हमी"वापस लेते ही Power of Attorney सबके लिए बेअसर हो जाता है।"
✓ सचनहीं। धारा 208 के मुताबिक अधिकार का ख़त्म होना agent के लिए तब लागू होता है, जब उसे पता चले, और तीसरे लोगों के लिए तब, जब उन्हें पता चले।[3]
✕ ग़लतफ़हमी"विदेश में रहने वाला भारत में registration के लिए Power of Attorney नहीं दे सकता।"
✓ सचदे सकता है। Registration Act की धारा 33 के मुताबिक, जो principal भारत में नहीं रहता, उसका Power of Attorney Notary Public, किसी Court, Judge, Magistrate, Indian Consul या Vice-Consul, या केंद्र सरकार के representative के सामने execute होकर उसी से authenticate होना चाहिए।[2]
✕ ग़लतफ़हमी"Registration office गए बिना ऐसा Power of Attorney नहीं बन सकता।"
✓ सचज़रूरी नहीं। जो व्यक्ति शारीरिक कमज़ोरी की वजह से बिना जोखिम या भारी असुविधा के नहीं आ सकता, जो जेल में है, या जिसे क़ानून ने Court में हाज़िरी से छूट दी है, उसे office आना ज़रूरी नहीं है। Registrar या Sub-Registrar उसके घर या जेल जाकर जाँच कर सकता है।[2]

आपका अधिकार

शारीरिक कमज़ोरी की वजह से जो व्यक्ति registration office नहीं आ सकता, उसका Power of Attorney Registrar या Sub-Registrar बिना हाज़िरी के attest कर सकता है, और इसके लिए उसके घर जाकर उससे पूछ सकता है।[2]
  • वापस लेने का हक़: principal, agent के अधिकार का इस्तेमाल करने से पहले, उसे कभी भी वापस ले सकता है; अपवाद वह है, जहाँ agent का अपना हित उस संपत्ति में हो।[3]
  • रक़म वसूलने का हक़: बिना जानकारी के हुए भुगतान में भी, जिसका उस रक़म पर हक़ है, वह रक़म पाने वाले से उसे वसूल सकता है।[1]

अभी क्या करें

  • Power of Attorney सोच-समझकर और भरोसे के व्यक्ति को दीजिए; donee जो करता है, वह आपके नाम से किया गया काम माना जाता है।[1]
  • अधिकार वापस लेना हो, तो agent को भी बताइए और उन सबको भी, जिनसे वह आपकी ओर से व्यवहार करता है; ख़त्म होना उन पर तभी लागू होता है, जब उन्हें पता चले।[3]
  • Registration के काम के लिए Power of Attorney देना हो, तो उसे अपने इलाक़े के Registrar या Sub-Registrar के सामने execute कीजिए।[2]
  • भारत के बाहर रहते हों, तो उसे Notary Public या Indian Consul के सामने execute कराइए।[2]
  • Principal की मृत्यु हो जाए, तो agency ख़त्म हो जाती है; तब agent principal के representatives के लिए हितों की हिफ़ाज़त के क़दम उठाए।[3]

सवाल-जवाब

Power of Attorney का मतलब क्या है?Powers-of-Attorney Act, 1882 की धारा 1A के मुताबिक Power-of-Attorney में वह हर instrument आता है, जो किसी तय व्यक्ति को, उसे execute करने वाले की ओर से और उसके नाम में काम करने का अधिकार देता है।
Donor, donee, principal और agent कौन होते हैं?Powers-of-Attorney Act अधिकार देने वाले को donor और पाने वाले को donee कहता है। Registration Act उन्हीं को principal और agent कहता है। Indian Contract Act के मुताबिक agent वह है, जिसे किसी और के लिए कोई काम करने या तीसरे लोगों के साथ व्यवहार में उसका प्रतिनिधित्व करने के लिए रखा गया हो; जिसके लिए वह काम होता है, वह principal है।
Power of Attorney कौन दे सकता है?Indian Contract Act की धारा 183 के मुताबिक agent वही रख सकता है, जो अपने ऊपर लागू क़ानून के हिसाब से बालिग़ हो और sound mind का हो।
Donee किसके नाम से दस्तख़त करता है?Powers-of-Attorney Act की धारा 2 के मुताबिक donee, donor के दिए अधिकार से, कोई भी instrument या काम अपने नाम और अपने दस्तख़त से कर सकता है। ऐसा हर काम क़ानून में उतना ही असरदार है, जितना donor के नाम और दस्तख़त से किया गया होता।
Power of Attorney कब ख़त्म होता है?Indian Contract Act की धारा 201 के मुताबिक agency ख़त्म होती है: principal के अधिकार वापस लेने से; agent के काम छोड़ देने से; काम पूरा हो जाने से; principal या agent की मृत्यु से, या उनमें से किसी के unsound mind का हो जाने से; या principal के insolvent घोषित होने से।
क्या Power of Attorney वापस लिया जा सकता है?हाँ। धारा 203 के मुताबिक principal, agent के उस अधिकार का इस्तेमाल करने से पहले, उसे कभी भी वापस ले सकता है। धारा 206 के मुताबिक इसका उचित notice देना होता है; वरना इससे हुए नुक़सान की भरपाई करनी पड़ती है।
कौन-सा Power of Attorney वापस नहीं लिया जा सकता?धारा 202 के मुताबिक, जहाँ agent का अपना हित उस संपत्ति में हो जो agency का विषय है, वहाँ (कोई साफ़ contract न हो तो) उस हित को नुक़सान पहुँचाकर agency ख़त्म नहीं की जा सकती। Act का उदाहरण: A, B को अपनी ज़मीन बेचने और बिक्री की रक़म से B का क़र्ज़ चुकाने का अधिकार देता है; A यह अधिकार वापस नहीं ले सकता, और यह A की मृत्यु से भी ख़त्म नहीं होता।
Principal की मृत्यु की जानकारी के बिना भुगतान हो जाए तो?Powers-of-Attorney Act की धारा 3 के मुताबिक, जो व्यक्ति good faith में Power of Attorney के आधार पर भुगतान या काम करता है, वह इस वजह से ज़िम्मेदार नहीं होगा कि donor की मृत्यु हो चुकी थी, वह unsound mind का या insolvent हो चुका था, या उसने अधिकार वापस ले लिया था, अगर यह बात उसे उस समय पता नहीं थी। पर जिसका उस रक़म पर हक़ है, वह रक़म पाने वाले से उसे वसूल सकता है।
Registration के लिए Power of Attorney कैसा होना चाहिए?Registration Act की धारा 32 और 33 के मुताबिक, अगर कोई दस्तावेज़ registration के लिए agent पेश करता है, तो उसका Power of Attorney तय तरीक़े से execute और authenticate होना चाहिए। Principal भारत में रहता हो, तो उस Registrar या Sub-Registrar के सामने और उसी से, जिसके district या sub-district में वह रहता है।
विदेश में रहते हुए Power of Attorney कैसे दिया जाता है?Registration Act की धारा 33 के मुताबिक, जो principal भारत में नहीं रहता, उसका Power of Attorney Notary Public, किसी Court, Judge, Magistrate, Indian Consul या Vice-Consul, या केंद्र सरकार के representative के सामने execute होकर उसी से authenticate होना चाहिए। MEA के मुताबिक Apostille जिन निजी दस्तावेज़ों पर किया जाता है, उनमें Power of Attorney भी है।
बीमार या बुज़ुर्ग व्यक्ति registration office न जा सके तो?धारा 33 के मुताबिक, जो व्यक्ति शारीरिक कमज़ोरी की वजह से बिना जोखिम या भारी असुविधा के नहीं आ सकता, उसे office आना ज़रूरी नहीं है। Registrar या Sub-Registrar, यह संतुष्टि होने पर कि Power of Attorney अपनी मर्ज़ी से execute हुआ है, उसे बिना हाज़िरी के attest कर सकता है। इसके लिए वह ख़ुद उस व्यक्ति के घर जाकर उससे पूछ सकता है, या commission जारी कर सकता है।
अदालत में Power of Attorney कैसे साबित होता है?Bharatiya Sakshya Adhiniyam, 2023 की धारा 84 के मुताबिक Court यह मानकर चलता है कि जो दस्तावेज़ Power of Attorney होने का दावा करता है, और जिस पर Notary Public, किसी Court, Judge, Magistrate, Indian Consul या Vice-Consul, या केंद्र सरकार के representative के सामने execute और authenticate होना लिखा है, वह वैसे ही execute और authenticate हुआ था।
क्या Power of Attorney कहीं जमा कराया जा सकता है?हाँ। Powers-of-Attorney Act की धारा 4 के मुताबिक Power of Attorney का instrument, affidavit या दूसरे पर्याप्त सबूत से उसका execution verify कराकर, High Court या District Court में जमा किया जा सकता है। उसकी certified copy, बिना और सबूत के, instrument की बातों का पर्याप्त सबूत होती है।
Bank में Power of Attorney holder से क्या लिया जाता है?RBI के KYC निर्देशों के पैरा 23 के मुताबिक bank किसी legal entity से जुड़े power of attorney holder से भी वही पहचान के दस्तावेज़ लेता है, जो खाता खोलने वाले व्यक्ति से लेता है। Company का खाता खोलते समय bank, Board के resolution के साथ वह power of attorney भी लेता है, जो company ने अपने managers, officers या employees को अपनी ओर से लेन-देन के लिए दिया है।

जुड़े शब्द

स्रोत

  1. India Code — The Powers-of-Attorney Act, 1882 (Act 7 of 1882) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • धारा 1 और 1A1 मई 1882 से लागू; Power-of-Attorney की परिभाषा
    • धारा 2donee अपने नाम और दस्तख़त से काम कर सकता है; उसका असर
    • धारा 3मृत्यु या revocation की जानकारी के बिना good faith में किया भुगतान
    • धारा 4High Court या District Court में जमा करना; certified copy
  2. India Code — The Registration Act, 1908 (Act 16 of 1908) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • धारा 32दस्तावेज़ registration के लिए कौन पेश कर सकता है; agent
    • धारा 33किसके सामने execute और authenticate; विदेश में रहने वाला; बीमार, जेल में; बिना और सबूत के साबित
  3. India Code — The Indian Contract Act, 1872 (Act 9 of 1872) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • धारा 182 और 183agent और principal; कौन agent रख सकता है
    • धारा 201agency कब ख़त्म होती है
    • धारा 202agent का अपना हित हो, तो agency ख़त्म नहीं की जा सकती
    • धारा 203 और 206अधिकार वापस लेना; उचित notice
    • धारा 208 और 209ख़त्म होना कब लागू होता है; मृत्यु पर agent का फ़र्ज़
  4. India Code — The Bharatiya Sakshya Adhiniyam, 2023 (Act 47 of 2023) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • धारा 84Power of Attorney के बारे में Court का presumption
  5. RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Know Your Customer) Directions, 2025, RBI/DOR/2025-26/169 (1 अक्टूबर 2026 तक updated; सिर्फ़ commercial banks पर लागू) ↗जारी: 28 नव 2025किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पैरा 23legal entity से जुड़े power of attorney holder की पहचान
    • पैरा 33company का खाता: Board का resolution और power of attorney
  6. विदेश मंत्रालय (MEA) — Attestation / Apostille, Consular Services (site पर "Last Updated On: 29 Sep 2026") ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • ApostilleApostille जिन निजी दस्तावेज़ों पर होता है, उनमें Power of Attorney

सुधार का इतिहास

  • पन्ना बना। India Code पर Powers-of-Attorney Act, 1882, Registration Act, 1908, Indian Contract Act, 1872 और Bharatiya Sakshya Adhiniyam, 2023 के पाठ, RBI के Commercial Banks – Know Your Customer Directions, 2025 (1 अक्टूबर 2026 तक update) और विदेश मंत्रालय (MEA) के Attestation / Apostille पन्ने से जाँचा।

पन्ना बना: 08 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 08 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।