1मतलब
Joint Account यानी bank का ऐसा deposit खाता, जो एक से ज़्यादा लोगों के नाम पर हो। Banking Companies (Nomination) Rules, 2025 में इसके लिए 'एक से ज़्यादा जमाकर्ताओं (depositors) के नाम पर रखा deposit' की बात है।[1]
- कहाँ लागू: नीचे लिखे RBI के निर्देश commercial banks पर लागू हैं; small finance, payments और local area banks इनमें शामिल नहीं।[2][3]
2इसका मतलब आपके लिए क्या है
- सबका KYC: joint खाता खोलते समय bank को सभी खाताधारकों की पहचान की जाँच (CDD) करनी है।[3]
- Nominee सब मिलकर: joint खाते में nomination सभी खाताधारक मिलकर करते हैं, चार तक लोगों के नाम।[1] उसे रद्द करना या बदलना भी तभी मान्य है, जब सभी मिलकर करें।[1]
- Nominee की बारी आख़िर में: nominee का हक़ सभी खाताधारकों की मृत्यु के बाद ही बनता है।[2]
- जमा बीमा अलग: DICGC के मुताबिक joint खाते पर ₹5 लाख तक का बीमा आपके अकेले खातों से अलग मिलता है।[4]
3Joint खाता कैसे चलता है
किसी एक खाताधारक की मृत्यु पर रकम किसे मिलेगी, यह खाता चलाने के निर्देश (survivorship clause) से तय होता है; nominee की बारी सभी खाताधारकों के न रहने पर आती है।
- खाता चलाने का निर्देश: joint खाता 'Either or Survivor', 'Former or Survivor' जैसे निर्देश के साथ खुल सकता है।[2] एक खाताधारक के न रहने पर क्या होता है, यह Survivorship Clause पन्ने पर है।
- नाम जोड़ना या हटाना: सभी joint खाताधारकों की request पर bank, हालात देखकर, किसी का नाम जोड़ने या हटाने की इजाज़त दे सकता है; अकेला खाताधारक भी किसी और का नाम जुड़वा सकता है।[2]
- FD पर असर नहीं: नाम जोड़ने या हटाने से FD की मूल रकम या अवधि किसी भी हाल में नहीं बदलती।[2]
- Joint FD बाँटना: सभी की request पर bank चाहे तो joint FD को हर खाताधारक के नाम पर अलग-अलग बाँट सकता है, बशर्ते अवधि और कुल रकम न बदले।[2]
4Joint खाता और जमा बीमा
- अलग हैसियत: DICGC के मुताबिक आपका अकेला खाता और किसी के साथ joint खाता अलग-अलग हैसियत (different capacity) के माने जाते हैं, इसलिए दोनों पर ₹5 लाख तक का बीमा अलग से मिलता है।[4]
- वही लोग, वही क्रम: एक bank में जिन joint खातों में वही लोग उसी क्रम में हों, उनकी रकम जोड़कर ₹5 लाख की सीमा लगती है।[4]
- क्रम या लोग अलग: नामों का क्रम अलग हो, या लोग अलग हों, तो हर ऐसे joint खाते पर सीमा अलग लगती है।[4]
5आम ग़लतफ़हमी
6आपका अधिकार
7अभी क्या करें
- अपने joint खाते के काग़ज़ में देखिए कि खाता किस निर्देश पर चलता है, जैसे 'Either or Survivor'।[2]
- Nominee दर्ज नहीं है, तो सभी खाताधारक मिलकर nomination कीजिए।[1]
- Joint FD में किसी का नाम जोड़ना, हटाना या FD बाँटनी हो, तो सभी खाताधारक मिलकर bank को request दीजिए।[2]
8सवाल-जवाब
9जुड़े शब्द
10स्रोत
- भारत का राजपत्र (असाधारण), भाग II, खंड 3(i) — Banking Companies (Nomination) Rules, 2025 (G.S.R. 790(E), वित्त मंत्रालय, वित्तीय सेवाएँ विभाग, F. No. 7/19/2023-BOA-I); राजपत्र के पन्ने 6–10, Tripura High Court की website पर रखी copy ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- नियम 2(1)एक या ज़्यादा लोगों के deposit में सभी खाताधारक मिलकर nomination; चार तक nominee
- नियम 2(11)joint deposit में nomination रद्द करना या बदलना सभी खाताधारकों से ही मान्य
- RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Responsible Business Conduct) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/170; DOR.MCS.REC.No.89/01-01-032/2025-26; Updated as on October 1, 2026; small finance, payments और local area banks पर लागू नहीं), PDF ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 3ये निर्देश commercial banks पर; small finance, payments, local area banks शामिल नहीं
- पैरा 4(1)'Either or Survivor', 'Former or Survivor' जैसे निर्देश वाले joint खाते
- पैरा 174सभी की request पर नाम जोड़ना या हटाना; FD की रकम या अवधि नहीं बदलती
- पैरा 175सभी की request पर joint FD को हर खाताधारक के नाम पर बाँटना
- पैरा 285joint खाते में nominee का हक़ सभी की मृत्यु के बाद
- RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Know Your Customer) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/169; DOR.AML.REC.No.88/14.01.002/2025-26; Updated as on October 1, 2026; small finance, payments और local area banks पर लागू नहीं), PDF ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- पैरा 17(7)joint खाता खोलते समय सभी खाताधारकों की CDD
- DICGC — FAQs, Depositors (पन्ने पर तारीख़ और सवालों के नंबर नहीं हैं; सवाल ऊपर से गिना गया है) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
- सवाल 10joint खाता अलग हैसियत, अलग से ₹5 लाख तक; वही लोग उसी क्रम में हों, तो खाते जोड़े जाते हैं
11सुधार का इतिहास
- पन्ना बना। Banking Companies (Nomination) Rules, 2025 (भारत का राजपत्र, G.S.R. 790(E)), RBI के Responsible Business Conduct Directions, 2025 और Know Your Customer Directions, 2025 (दोनों 1 अक्टूबर 2026 तक updated) और DICGC के FAQ से जाँचा।
पन्ना बना: 11 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 11 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।
यह पन्ना: https://seedhamatlab.com/shabdkosh/joint-account/ · आख़िरी जाँच: 11 अक्तू 2026
छपी हुई प्रति पुरानी हो सकती है। ताज़ा पन्ना site पर देख लीजिए।

एक लाइन में