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शब्द · बैंकिंग✓ स्रोत से जाँचा · 8 Oct 2026

SCSS

वरिष्ठ नागरिकों के लिए केंद्र सरकार की बचत योजना, जिसमें ब्याज हर तिमाही मिलता है

एक लाइन में

SCSS (Senior Citizens Savings Scheme) केंद्र सरकार की बचत योजना है। इसमें 60 साल या उससे ऊपर के लोग, और कुछ शर्तों पर 55 या 50 साल के retire हुए लोग, खाता खोल सकते हैं। जमा ₹1,000 से ₹30 लाख तक होती है, ब्याज हर तिमाही मिलता है, और खाता 5 साल में पकता है। 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 की तिमाही के लिए ब्याज दर 8.2% सालाना है।

ब्याज दर8.2%1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 के लिए
ज़्यादा से ज़्यादा जमा₹30 लाखएक व्यक्ति के सभी SCSS खातों को मिलाकर
ब्याज मिलता हैहर तिमाहीअप्रैल, जुलाई, अक्टूबर और जनवरी में
खाता पकता है5 साल मेंफिर 3-3 साल के लिए बढ़ सकता है

मतलब

SCSS यानी Senior Citizens Savings Scheme। यह केंद्र सरकार की बचत योजना है, जो Government Savings Promotion Act, 1873 के तहत बनी Senior Citizens' Savings Scheme, 2019 से चलती है।[2]

इसका खाता Post Office में खुलता है, और यह योजना banks में भी चलती है।[1][4]

कौन खोल सकता है

  • 60 साल: जिसने खाता खोलने की तारीख़ पर 60 साल की उम्र पूरी कर ली हो।[1]
  • 55 से 60 साल, retire होने पर: जो superannuation पर या किसी और तरह retire हो चुका हो, अगर खाता retirement benefits मिलने के 3 महीने के अंदर खोला जाए। साथ में benefits मिलने की तारीख़ का प्रमाण और employer का certificate लगता है।[1]
  • Defence Services: retire हुए कर्मी (Civilian Defence employees को छोड़कर) 50 साल की उम्र पर, बाक़ी तय शर्तें पूरी होने पर।[1]
  • सरकारी कर्मचारी के पति/पत्नी: जिस सरकारी कर्मचारी की 50 साल की उम्र के बाद सेवा में रहते हुए मृत्यु हुई हो, उसके पति/पत्नी, बाक़ी तय शर्तें पूरी होने पर।[1]
  • अकेले या joint: खाता अकेले, या पति/पत्नी के साथ joint खोला जा सकता है। Joint खाते में पूरी जमा पहले खाताधारक की मानी जाती है।[1]
  • पात्रता की एक और शर्त: India Post के पन्ने पर 'resident citizen of India' लिखा है।[1]

जमा और ब्याज

  • कितना जमा: कम से कम ₹1,000, और ₹1,000 के गुणक में। एक व्यक्ति के सभी SCSS खातों को मिलाकर ज़्यादा से ज़्यादा ₹30 लाख।[1]
  • एक ही जमा: एक खाते में एक ही बार जमा होती है। सीमा के अंदर एक से ज़्यादा खाते खोले जा सकते हैं।[1][2]
  • ज़्यादा जमा हो जाए तो: ज़्यादा रकम तुरंत लौटाई जाती है, और उस पर सिर्फ़ Post Office Savings Account की दर से ब्याज मिलता है।[1]
  • अभी की दर: 1 अक्टूबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक 8.2% सालाना।[1]
  • ब्याज कब: हर तिमाही। 31 मार्च, 30 जून, 30 सितंबर और 31 दिसंबर तक का ब्याज अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर और जनवरी की 1 तारीख़ को खाताधारक के Savings Account में जाता है।[1]
  • ब्याज न लें तो: जो ब्याज हर तिमाही न लिया जाए, उस पर आगे ब्याज नहीं मिलता।[1]
  • Tax: India Post के पन्ने पर लिखा है कि इस योजना का निवेश Income Tax Act, 1961 की धारा 80C के फ़ायदे में गिना जाता है, और एक वित्तीय वर्ष में सभी खातों का कुल ब्याज तय सीमा से ऊपर हो, तो TDS लागू होता है, जब तक Form 15G या 15H न दिया गया हो।[1]

5 साल और उसके बाद

खाता बढ़ाने का आवेदन खाता पकने के, या हर 3 साल के block के ख़त्म होने के, एक साल के अंदर देना होता है। बढ़ाया गया समय पकने की तारीख़ से ही गिना जाता है।

  • 5 साल पर: जमा की रकम खाता खुलने के 5 साल पूरे होने पर या उसके बाद मिलती है।[1]
  • बढ़ाना: खाता 3 साल के block के लिए बढ़ाया जा सकता है, और ऐसा जितनी बार चाहें किया जा सकता है।[1]
  • कब तक आवेदन: खाता पकने की तारीख़ से, या हर 3 साल के block के ख़त्म होने से, एक साल के अंदर।[1]
  • बढ़े खाते की दर: बढ़े हुए खाते पर वह दर मिलती है, जो पकने की तारीख़ पर, या पिछले block के ख़त्म होने की तारीख़ पर, लागू थी।[1]
  • नया खाता: पुराना खाता बंद करके, सीमा के अंदर, नया खाता खोला जा सकता है।[1]

समय से पहले बंद

  • कभी भी: खाताधारक किसी भी समय जमा निकालकर खाता बंद कर सकता है।[1]
  • एक साल से पहले: कोई ब्याज नहीं मिलता; जो ब्याज मिल चुका है, वह जमा में से वसूल होता है।[1]
  • एक से दो साल के बीच: जमा का 1.5% कटता है।[1]
  • दो साल या उसके बाद: जमा का 1% कटता है।[1]
  • बढ़ाने के बाद: बढ़ाने के एक साल के अंदर खाता बंद करें, तो जमा का 1% कटता है।[1]

मृत्यु होने पर

  • खाता बंद: योजना के 2019 के पाठ के मुताबिक खाता बंद होता है, और जमा, मृत्यु की तारीख़ तक के योजना के ब्याज के साथ, nominee या क़ानूनी वारिस को मिलती है।[2]
  • मृत्यु के बाद का ब्याज: मृत्यु के अगले दिन से खाता बंद होने तक Post Office Savings Account की दर से ब्याज मिलता है।[1]
  • पति/पत्नी खाता कब जारी रख सकते हैं: योजना के 2019 के पाठ के मुताबिक, खाता joint हो या पति/पत्नी अकेले nominee हों, और मृत्यु की तारीख़ पर वे ख़ुद योजना की पात्रता पूरी करते हों।[2]
  • Nominee हो तो: nominee Form 11 में आवेदन और मृत्यु का प्रमाण देता है।[3]
  • Nominee न हो तो: मृत्यु के छह महीने के अंदर probate, letters of administration या Succession Certificate पेश न हो, तो ₹5 लाख तक की रकम अधिकृत अधिकारी सही दावेदार को दे सकता है। इसके लिए Death Certificate, passbook, Affidavit (Form-13), letter of disclaimer (Form-14) और bond of indemnity (Form-15) लगते हैं। ₹5 लाख से ऊपर की रकम के लिए succession certificate देना होता है।[3]
  • Bank वाले नियम नहीं: bank के जमा खातों के दावे निपटाने के RBI के निर्देश SCSS पर लागू नहीं हैं; दावा योजना के अपने नियमों से निपटता है।[4]

आम ग़लतफ़हमी

✕ ग़लतफ़हमी"SCSS सिर्फ़ 60 साल की उम्र के बाद ही खुलता है।"
✓ सचज़रूरी नहीं। India Post के मुताबिक 55 से 60 साल के बीच का वह व्यक्ति भी खाता खोल सकता है, जो retire हो चुका हो, अगर खाता retirement benefits मिलने के 3 महीने के अंदर खोला जाए। Defence Services के retire हुए कर्मी 50 साल की उम्र पर पात्र हैं।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"SCSS में ब्याज हर महीने मिलता है।"
✓ सचनहीं। ब्याज हर तिमाही मिलता है: 31 मार्च, 30 जून, 30 सितंबर और 31 दिसंबर तक का ब्याज अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर और जनवरी की 1 तारीख़ को।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"SCSS खाते में बार-बार पैसा जमा कर सकते हैं।"
✓ सचनहीं। एक खाते में एक ही बार जमा होती है। सभी SCSS खातों को मिलाकर ₹30 लाख की सीमा के अंदर एक से ज़्यादा खाते खोले जा सकते हैं।[1][2]
✕ ग़लतफ़हमी"5 साल से पहले SCSS का पैसा नहीं निकल सकता।"
✓ सचनिकल सकता है। खाताधारक किसी भी समय जमा निकालकर खाता बंद कर सकता है, पर कटौती होती है: एक साल से पहले कोई ब्याज नहीं मिलता, एक से दो साल के बीच जमा का 1.5% कटता है, और दो साल या उसके बाद 1%।[1]
✕ ग़लतफ़हमी"Bank में चल रहे SCSS खाते पर मृत्यु के दावे के वही नियम लगते हैं, जो bank के जमा खातों पर।"
✓ सचनहीं। RBI के निर्देशों के मुताबिक दावे निपटाने के वे निर्देश bank में चलने वाली सरकारी बचत योजनाओं, जैसे SCSS और PPF, पर लागू नहीं हैं; वहाँ दावा योजना के अपने नियमों से निपटता है।[4]

आपका अधिकार

खाताधारक किसी भी समय जमा निकालकर खाता बंद कर सकता है; कितनी कटौती होगी, यह इससे तय होता है कि खाता कितना पुराना है।[1]
  • Nomination: एक से चार nominee रखे जा सकते हैं, और हर एक का हिस्सा तय किया जा सकता है।[3]
  • ब्याज सीधे खाते में: ब्याज अपने आप Savings Account में जमा कराने का विकल्प है।[1]
  • बढ़ाने का विकल्प: पकने के बाद खाता 3-3 साल के लिए, जितनी बार चाहें, बढ़ाया जा सकता है।[1]

अभी क्या करें

  • 55 से 60 साल के बीच retire हुए हों, तो खाता retirement benefits मिलने के 3 महीने के अंदर खोलना होता है।[1]
  • ब्याज के लिए Savings Account में अपने आप जमा होने का विकल्प चुन लीजिए; जो ब्याज न लिया जाए, उस पर आगे ब्याज नहीं मिलता।[1]
  • खाता बढ़ाना हो, तो पकने के एक साल के अंदर आवेदन दे दीजिए।[1]
  • पैसा पहले निकालने से पहले कटौती देख लीजिए: एक साल से पहले ब्याज नहीं, फिर 1.5%, और दो साल बाद 1%।[1]
  • खाते में nomination देख लीजिए; nominee न हो और रकम ₹5 लाख से ऊपर हो, तो दावे के लिए succession certificate देना पड़ता है।[3]

सवाल-जवाब

SCSS का मतलब क्या है?SCSS यानी Senior Citizens Savings Scheme। यह केंद्र सरकार की बचत योजना है, जो Government Savings Promotion Act, 1873 के तहत बनी Senior Citizens' Savings Scheme, 2019 से चलती है।
SCSS खाता कौन खोल सकता है?India Post के मुताबिक: जिसने खाता खोलने की तारीख़ पर 60 साल की उम्र पूरी कर ली हो; या 55 से 60 साल के बीच का वह व्यक्ति, जो superannuation पर या किसी और तरह retire हो चुका हो और retirement benefits मिलने के 3 महीने के अंदर खाता खोले; या Defence Services का retire हुआ कर्मी, 50 साल की उम्र पर। पन्ने पर यह भी लिखा है कि व्यक्ति 'resident citizen of India' हो।
55 से 60 साल की उम्र में खाता खोलने के लिए क्या देना होता है?India Post के मुताबिक retirement benefits मिलने की तारीख़ का प्रमाण, और employer का certificate, जिसमें retirement का ब्योरा, retirement benefits, नौकरी और उसकी अवधि लिखी हो। खाता retirement benefits मिलने के 3 महीने के अंदर खोलना होता है।
क्या पति-पत्नी साथ में खाता खोल सकते हैं?हाँ। खाता अकेले या पति/पत्नी के साथ joint खोला जा सकता है। Joint खाते में पूरी जमा पहले खाताधारक की मानी जाती है। India Post के मुताबिक दोनों पति-पत्नी अलग-अलग पात्र हों, तो दोनों अपना-अपना खाता, और एक-दूसरे के साथ joint खाते खोल सकते हैं, हर खाते में ₹30 लाख तक।
SCSS में कम से कम और ज़्यादा से ज़्यादा कितना जमा कर सकते हैं?कम से कम ₹1,000, और ₹1,000 के गुणक में। एक व्यक्ति के सभी SCSS खातों को मिलाकर ज़्यादा से ज़्यादा ₹30 लाख। एक खाते में एक ही बार जमा होती है।
सीमा से ज़्यादा जमा हो जाए तो?India Post के मुताबिक ज़्यादा जमा हुई रकम तुरंत लौटा दी जाती है, और उस पर जमा की तारीख़ से लौटाने की तारीख़ तक सिर्फ़ Post Office Savings Account की दर से ब्याज मिलता है।
SCSS पर अभी कितना ब्याज मिल रहा है?India Post की तालिका के मुताबिक 1 अक्टूबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक SCSS की दर 8.2% सालाना है।
ब्याज कब और कैसे मिलता है?हर तिमाही। जमा की तारीख़ से 31 मार्च, 30 जून, 30 सितंबर या 31 दिसंबर तक का ब्याज अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर या जनवरी की 1 तारीख़ को खाताधारक के Savings Account में जाता है। ब्याज अपने आप savings खाते में जमा कराने का विकल्प है। कोई तिमाही का ब्याज न ले, तो उस ब्याज पर आगे ब्याज नहीं मिलता।
क्या SCSS के ब्याज पर TDS कटता है?India Post के मुताबिक एक वित्तीय वर्ष में SCSS समेत सभी खातों का कुल ब्याज तय सीमा से ऊपर हो, तो TDS लागू होता है, जब तक Form 15G या 15H न दिया गया हो। पन्ने पर यह भी लिखा है कि इस योजना का निवेश Income Tax Act, 1961 की धारा 80C के फ़ायदे में गिना जाता है।
5 साल से पहले खाता बंद करने पर कितना कटता है?खाता खुलने के एक साल से पहले बंद करें, तो कोई ब्याज नहीं मिलता; जो ब्याज मिल चुका है, वह जमा में से वसूल होता है। एक साल के बाद और दो साल से पहले बंद करें, तो जमा का 1.5% कटता है। दो साल या उसके बाद बंद करें, तो 1% कटता है।
5 साल बाद क्या कर सकते हैं?जमा की रकम 5 साल पूरे होने पर या उसके बाद ले सकते हैं, या खाता 3 साल के block के लिए बढ़ा सकते हैं। India Post के मुताबिक खाता जितनी बार चाहें 3-3 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। खाता बंद करके, सीमा के अंदर, नया खाता भी खोला जा सकता है।
खाता बढ़ाने की शर्तें क्या हैं?आवेदन खाता पकने की तारीख़ से, या हर 3 साल के block के ख़त्म होने से, एक साल के अंदर देना होता है। बढ़ाया गया समय पकने की तारीख़ से ही गिना जाता है, आवेदन किसी भी तारीख़ को दिया हो। बढ़े हुए खाते पर वह दर मिलती है, जो पकने की तारीख़ पर, या पिछले block के ख़त्म होने की तारीख़ पर, लागू थी। बढ़ाने के एक साल के अंदर खाता बंद करें, तो जमा का 1% कटता है।
खाताधारक की मृत्यु पर क्या होता है?योजना के 2019 के पाठ के पैरा 7 के मुताबिक खाता बंद होता है, और जमा, मृत्यु की तारीख़ तक के योजना के ब्याज के साथ, nominee या क़ानूनी वारिसों को मिलती है। India Post के मुताबिक मृत्यु के अगले दिन से खाता बंद होने तक Post Office Savings Account की दर से ब्याज मिलता है।
क्या पति या पत्नी वही खाता जारी रख सकते हैं?योजना के 2019 के पाठ के पैरा 7 के मुताबिक खाता joint हो, या पति/पत्नी अकेले nominee हों, तो वे खाता उन्हीं शर्तों पर जारी रख सकते हैं, अगर खाताधारक की मृत्यु की तारीख़ पर वे ख़ुद योजना की पात्रता पूरी करते हों। उसी पैरा के मुताबिक दोनों के अलग-अलग खाते हों, तो मृतक के नाम का खाता जारी नहीं रहता, बंद होता है।
Nominee न हो, तो पैसा कैसे मिलता है?Government Savings Promotion General Rules, 2018 के नियम 15 के मुताबिक मृत्यु के छह महीने के अंदर probate, letters of administration या succession certificate पेश न हो, तो ₹5 लाख तक की रकम अधिकृत अधिकारी सही दावेदार को दे सकता है; इसके लिए death certificate, passbook, affidavit (Form-13), letter of disclaimer (Form-14) और bond of indemnity (Form-15) लगते हैं। ₹5 लाख से ऊपर की रकम के लिए succession certificate देना होता है।

जुड़े शब्द

स्रोत

  1. India Post (डाक विभाग) — Saving Schemes: Senior Citizens Savings Scheme Account (SCSS) और Interest Rates (w.e.f 01.10.2026 to 31.12.2026) ↗किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • Interest Rates (New)1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026: SCSS 8.2%
    • SCSS: Eligibility60 साल; 55 से 60 के बीच retire हुए, 3 महीने के अंदर; Defence 50 साल; joint खाता; 'resident citizen of India'
    • SCSS: Deposit Limits₹1,000 के गुणक; एक ही जमा; सभी खातों में ₹30 लाख तक; ज़्यादा जमा की वापसी; धारा 80C
    • SCSS: Interestहर तिमाही; savings खाते में; न लिए ब्याज पर आगे ब्याज नहीं; TDS
    • SCSS: Premature Closureएक साल से पहले ब्याज नहीं; 1.5% और 1% की कटौती
    • SCSS: Extension of Account3-3 साल, जितनी बार चाहें; एक साल के अंदर आवेदन; दर पकने की तारीख़ वाली
    • SCSS: Closure of Account5 साल पर भुगतान; नया खाता; मृत्यु के अगले दिन से Savings Account की दर
  2. India Code — Senior Citizens' Savings Scheme, 2019 (G.S.R. 916(E), 12 दिसंबर 2019; मूल पाठ, बाद के संशोधन इसमें दर्ज नहीं) ↗जारी: 12 दिस 2019किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पैरा 3सीमा के अंदर एक से ज़्यादा खाते; अकेले या पति/पत्नी के साथ joint
    • पैरा 7मृत्यु पर खाता बंद; nominee या क़ानूनी वारिसों को भुगतान; पति/पत्नी कब खाता जारी रख सकते हैं
    • पैरा 9जिन बातों का प्रावधान योजना में नहीं, उन पर General Rules लागू
  3. India Code — Government Savings Promotion General Rules, 2018 (G.S.R. 1003(E), 5 अक्टूबर 2018) ↗जारी: 05 अक्तू 2018किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • नियम 14एक से चार nominee; हर nominee का हिस्सा
    • नियम 15nominee का दावा Form 11 में; nomination न हो तो ₹5 लाख तक और उससे ऊपर के काग़ज़
  4. RBI — Reserve Bank of India (Commercial Banks – Responsible Business Conduct) Directions, 2025 (RBI/DOR/2025-26/170; Updated as on October 1, 2026) ↗जारी: 28 नव 2025किस बात के लिए, दस्तावेज़ का कौन-सा हिस्सा
    • पैरा 282दावे निपटाने के निर्देश bank में चलने वाली SCSS, PPF जैसी योजनाओं पर लागू नहीं; दावा योजना के नियमों से

सुधार का इतिहास

  • पन्ना बना। India Post के Saving Schemes पन्ने, Senior Citizens' Savings Scheme, 2019 (India Code पर मूल पाठ), Government Savings Promotion General Rules, 2018 और RBI के निर्देशों से जाँचा।

पन्ना बना: 08 अक्तू 2026 · आख़िरी जाँच: 08 अक्तू 2026
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।